दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदापुरम।
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान एवं मोटे अनाज के उपार्जन के लिए किसान पंजीयन की प्रक्रिया जिले में संचालित की जा रही है। किसानों की सुविधा के लिए जिले में 30 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं। किसान इन केंद्रों के साथ-साथ ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों पर पंजीयन करा सकते हैं। इसके अलावा लोक सेवा केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर, एमपी ऑनलाइन कियोस्क एवं साइबर कैफे के माध्यम से भी निर्धारित शुल्क देकर किसान पंजीयन करा सकेंगे। शासन द्वारा पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
भूमि स्वामी किसान के लिए आवश्यक दस्तावेज
मूल भूमि स्वामी किसान को पंजीयन फार्म के साथ ऋण पुस्तिका की प्रति, जिसमें एग्रीटेक आईडी नंबर संलग्न हो, आधार कार्ड एवं आधार से लिंक मोबाइल नंबर, समग्र आईडी, एनपीसीआई एवं आधार से लिंक बैंक खाते की पासबुक तथा अन्य फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा।
सिकमी, बटाईदार किसानों के लिए
सिकमी अथवा बटाईदार किसान को सिकमी-बटाई अनुबंध के साथ भू-स्वामी की ऋण पुस्तिका की प्रति एवं एग्रीटेक आईडी नंबर, आवेदक का आधार कार्ड एवं आधार से लिंक मोबाइल नंबर, समग्र आईडी, एनपीसीआई एवं आधार से लिंक बैंक खाते की पासबुक तथा अन्य फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। किसान द्वारा प्रस्तुत सिकमी/बटाई अनुबंध की प्रति पंजीयन केंद्र द्वारा ई-उपार्जन पोर्टल पर स्कैन कर अनिवार्य रूप से अपलोड की जाएगी।
वनाधिकार पट्टाधारी किसानों के लिए
वनाधिकार पट्टाधारी किसानों को वन पट्टा, आधार कार्ड एवं आधार से लिंक मोबाइल नंबर, समग्र आईडी, एनपीसीआई एवं आधार से लिंक बैंक खाते की पासबुक तथा अन्य फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। वनाधिकार पट्टाधारी किसानों का वन पट्टा तथा सिकमी/बटाईदार किसानों का सिकमी-बटाई अनुबंध 15 सितंबर 2026 से पूर्व की अवधि में पंजीकृत होना आवश्यक है, तभी उसे पंजीयन के लिए मान्य किया जाएगा।
आधार सत्यापन अनिवार्य
किसान पंजीयन के लिए आधार नंबर का सत्यापन अनिवार्य होगा। आधार सत्यापन आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी अथवा बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से किया जा सकेगा। पंजीकृत किसानों की भूमि एवं फसल का सत्यापन ई-उपार्जन पोर्टल पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार द्वारा किया जाएगा। प्रशासन ने धान एवं मोटे अनाज का विक्रय करने के इच्छुक किसानों से अपील की है कि वे 10 अक्टूबर 2026 की निर्धारित अंतिम तिथि से पूर्व अपना फसल पंजीयन अनिवार्य रूप से करा लें, ताकि उपार्जन प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
