

नर्मदापुरम / ग्राम पंचायत डोंगरवाड़ा के पूर्व सरपंच कैलाश दायमा पर गांव के वर्तमान सरपंच माखन कीर एवं उसके साथियों द्वारा रास्ते में रोककर मारपीट और अभद्रता करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई न करने से आहत पीड़ित ने नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर एवं पुलिस अधीक्षक (SP) को शिकायती आवेदन सौंपकर जान-माल की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
खेत से लौटते समय रोका रास्ता, की मारपीट….
शिकायत के अनुसार, आवेदक कैलाश दायमा 8 अक्टूबर 2026 की सुबह लगभग 9 बजे अपने खेत से मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। आरोप है कि डोंगरवाड़ा गांव के रास्ते में वर्तमान सरपंच माखन कीर अपने अन्य 4-5 साथियों (जिनमें अशोक कीर, इंदल कीर, अंकित कीर और प्रिंस कीर शामिल बताए गए हैं) के साथ पहले से घात लगाकर खड़ा था। रास्ता रोककर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए हाथ-मुक्कों और लात-घूंसों से उनके साथ मारपीट की।
राजनीतिक रंजिश और गंभीर आरोप आवेदन में कैलाश दायमा ने उल्लेख किया है, कि वह पूर्व सरपंच रह चुके हैं। वर्ष 2026 के पंचायत चुनाव में वे निर्वाचित हुए थे, परंतु राजनीतिक सांठगांठ के चलते प्रक्रिया को दूषित बताकर उन्हें पद से हटवा दिया गया और माखन कीर को पुनः सरपंच बनवा दिया गया, जिसके चलते आरोपी उनसे रंजिश रखता है। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि माखन कीर पर पूर्व में 28 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और वह रेत के अवैध उत्खनन व चोरी के मामलों में लिप्त रहा है।
देहात थाना पुलिस पर पक्षपात का आरोप पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद जब वे रिपोर्ट लिखाने थाना देहात, नर्मदापुरम पहुंचे, तो पुलिस ने उनकी बात के अनुसार प्राथमिकी दर्ज नहीं की। आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों का पक्ष लेते हुए मामले को असंज्ञेय अपराध (NCR) के रूप में दर्ज कर खानापूर्ति कर दी। सुरक्षा की मांग और वीडियो साक्ष्य का दावा कैलाश दायमा ने अधिकारियों को दिए आवेदन में बताया कि वे घटना के बाद से भयभीत हैं और उन्हें अपनी जान का खतरा है। उन्होंने घटना से संबंधित वीडियो फुटेज उपलब्ध होने की बात कहते हुए माखन कीर सहित सभी हमलावरों पर वैधानिक दंडात्मक कार्रवाई और स्वयं के लिए सुरक्षा की मांग की है।

