दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदापुरम।
सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करने तथा युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पंडित रामलाल शर्मा महाविद्यालय में उप पुलिस अधीक्षक यातायात संतोष मिश्रा एवं यातायात पुलिस टीम द्वारा सीपीआर प्रशिक्षण दिया गया तथा “सड़क सुरक्षा और जन भागीदारी” विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डीएसपी ट्रैफिक श्री संतोष मिश्रा ने विश्व, भारत एवं मध्यप्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति एवं आंकड़ों के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता और भयावहता को विद्यार्थियों के समक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाएं केवल एक यातायात समस्या नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए गंभीर सामाजिक चुनौती हैं। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों को सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों, तेज गति, लापरवाही, यातायात नियमों की अनदेखी, हेलमेट एवं सीटबेल्ट के उपयोग सहित सुरक्षित वाहन चालन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। श्री मिश्रा ने विशेष रूप से हेलमेट एवं सीटबेल्ट को चालान से बचने का साधन नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का सुरक्षा कवच बताते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन केवल पुलिस की कार्रवाई से संभव नहीं है। इसके लिए जनभागीदारी और नागरिकों की स्वैच्छिक जिम्मेदारी अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक नागरिक स्वयं नियमों का पालन करे और अपने परिवार एवं मित्रों को भी इसके लिए प्रेरित करे, तभी सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
सीपीआर प्रशिक्षण से समझाई जीवन बचाने की जिम्मेदारी
कार्यक्रम में यातायात पुलिस द्वारा विद्यार्थियों को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन का प्रशिक्षण दिया गया। दुर्घटना अथवा अचानक हृदय गति रुकने जैसी आपात स्थिति में प्रारंभिक समय में किस प्रकार सहायता प्रदान की जा सकती है, इसका व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर विद्यार्थियों को “गोल्डन ऑवर” में जीवन बचाने के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रिंस जैन, महाविद्यालय का स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। यातायात पुलिस की ओर से एएसआई प्रमोद पटेल, आरक्षक राजू जाट एवं आरक्षक संदीप जोशी उपस्थित रहे।

