

नर्मदापुरम / मध्य प्रदेश / 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में उत्पन्न गंभीर संकट के दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए विमान को सुरक्षित बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गंभीर परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपना कर्तव्य निभाया और विमान में सवार यात्रियों तथा चालक दल की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार से बातचीत कर उनके साहस और सूझबूझ की सराहना की। बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने संकट की उस घड़ी में हनुमान चालीसा का पाठ करने की बात भी बताई।
कैप्टन स्मित के इसी साहस और हनुमान जी के प्रति उनकी आस्था से प्रेरित होकर ग्राम सुपरली, जिला नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश के कृषक कलाकार योगेंद्र पाल सिंह सोलंकी ने अनाज के दानों से कैप्टन स्मित मच्छार की एक अनोखी तस्वीर तैयार की है।
इस कलाकृति में हनुमान जी को कैप्टन स्मित को शक्ति प्रदान करते हुए तथा अपनी पूँछ के माध्यम से विमान को संभालते हुए दर्शाया गया है।
यह कलाकृति भारतीय आस्था, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है।
इस चित्र को तैयार करने में धान, तिल, चावल, खसखस, बाजरा, अलसी और मक्का सहित विभिन्न अनाज एवं बीजों का उपयोग किया गया है।
कृषक कलाकार योगेंद्र पाल सिंह सोलंकी का कहना है कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और अनाज भारत के किसान तथा हमारी संस्कृति के जीवन का आधार है। इसलिए एक भारतीय पायलट के अदम्य साहस को भारतीय कृषि परंपरा से जोड़ते हुए यह कलाकृति अनाज के दानों से तैयार की गई है।
कैप्टन तक कलाकृति पहुँचाने का प्रयास….
इस अनोखी कलाकृति को कैप्टन स्मित मच्छार तक पहुँचाने के लिए भारत के विभिन्न फ्लाइंग क्लबों तथा फ्लाइंग क्लब से संबंधित विमानन संस्थाओं और संगठनों से संपर्क किया जाएगा।
कलाकार स्वयं जाकर यह कलाकृति देने नहीं जाएंगे। इसके बजाय फ्लाइंग क्लबों अथवा विमानन क्षेत्र से जुड़ी संबंधित संस्थाओं के किसी उपयुक्त माध्यम से यह कलाकृति कैप्टन स्मित मच्छार तक भेजने का प्रयास किया जाएगा।
कलाकार की इच्छा है कि यह कलाकृति कैप्टन स्मित मच्छार तक सम्मान, शुभकामना और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में पहुँचे।
यह कलाकृति किसी व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि एक भारतीय कृषक कलाकार की ओर से एक साहसी भारतीय पायलट के प्रति सम्मान और हौसला बढ़ाने की भावनात्मक अभिव्यक्ति है।

