दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदा पुरम।
शहर में श्रीरामलीला महोत्सव समिति द्वारा आयोजित श्रीरामलीला मंचन के दूसरे दिवस मनु चरित्र एवं श्रीराम जन्म लीला की प्रस्तुति की गई। इस दौरान भगवान श्रीराम की बाल लीला एवं शंकर लीला की प्रस्तुति की गई ।
लीला के प्रारंभ में राजा मनु और रानी शतरूपा के साथ भगवान विष्णु से संवाद होने के उपरांत दिखाया गया कि अयोध्या में राजा दशरथ अपने गुरु वशिष्ठ के पास जाकर उनसे विचार विमर्श करते हैं । गुरु वशिष्ट जी श्रृंगी ऋषि को बुलवाते हैं और शुभ मुहूर्त में पुत्र कामेष्टि यज्ञ करवातें हैं जिससे अग्नि देव प्रगट होकर राजा दशरथ को खीर प्रदान करते हैं , राजा अपनी तीनों रानियों में वह बांट देते हैं । कुछ माह पश्चात रानी कौशल्या को श्रीराम , रानी कैकई को श्री भरत और रानी सुमित्रा को श्री लक्ष्मण और श्री शत्रुघ्न पुत्रों को जन्म देतीं हैं । श्रीरामजन्म की लीला में राजा मनु और दशरथ की भूमिका सुभाष परसाई , विष्णु की यश शुक्ला ,शंकर की दीपेश व्यास , ब्रह्मा की विनोद परसाई , सुमंत गोपाल शुक्ला ,बलराम साहित्य शर्मा नागपुर और अग्नि की रघु तिवारी ने भूमिका निभाई । लीला में पात्र निर्देशक पं सुनील चौरे के साथ संगीत निर्देशन पं राम परसाई तथा पार्श्व गायन श्रीमती चित्रा हर्णे का रहा, संगत आनन्द नामदेव , आदित्य परसाई , अथर्व दुबे और सक्षम पाठक , सौरभ सराठे का रहा ।

