
नर्मदापुरम / ग्वालियर / अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि फरियादी भारतीय सेना में नायक के पद पर पदस्थ है। दिनांक 05.03.2018 को वह अपनी पत्नी गुड्डी देवी को अपने शासकीय क्वार्टर 135/4 इन्फेन्ट्री लाइन मुरार केन्ट में छोड़कर डयूटी करने चला गया था। समय करीब 10:40 बजे उसके मोबाइल पर उसे पडौसी ने फोन करके बताया कि उसके क्वार्टर पर चोरी हो गई है। फिर वह अपने क्वार्टर पर पहुंचा और अपनी पत्नी से पूछा कि चोरी हो गई है, तुम कहां थी तो उसने बताया कि वह दरवाजा बंद करके कपडे धोकर सुखाने के लिए छत पर चली गई थी। इसी दौरान चोरी हुई है। उसने अपने घर का सामान देखा तो 04 चूडी सोने की इस्तेमाली, 01 मंगलसूत्र, 01 सोने की अंगूठी. 01 जोडी पायजेब चांदी की एवं 6000/- रूपए नगद तथा केन्टीन कार्ड, उसकी पत्नि का पेनकार्ड, आधारकार्ड, आर्मी हेल्थ एवं डिपेन्डेंट कार्ड आदि सामान नहीं मिले। उक्त सभी सामान कोई अज्ञात चोर चोरी करके ले गया। फरियादी द्वारा उक्त घटना की प्रथम सूचना रिपोर्ट आरक्षी केन्द्र मुरार में दर्ज कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। विवेचना उपरांत माननीय न्यायालय श्रीमती रेनू यादव के न्यायालय में अभियोग पत्र किया गया। जहां से आरोपी संजीव कुमार पिता गुलाबचन्द्र जाटव पुत्र आयु 26 वर्ष, निवासी ग्राम खुरैरी, थाना मुरार, जिला ग्वालियर के विरूद्ध अभियोग पत्र सक्षम न्यायायलय के प्रस्तुत किया गया। अभियोजन के तर्क एवं साक्षियों के कथनों के आधार पर न्यायालय द्वारा आरोपी को दो वर्ष का सश्रम कारावास एवं एक हजार का जुर्माना दण्डित किया गया शासन की ओर से उक्त मामले की पक्षसमर्थन श्रीमती मनोरमा शाक्य द्वारा किया गया।

