सुबह से ही जगह-जगह बेरिकेटिंग लगाकर रोका, किया नजरबंद
हरदा, सिवनी , पिपरिया, सोहागपुर, बनखेड़ी , बाबई, हर जगह पाइंट लगाकर रोका
दयाराम फौजदार रिपोर्टर राज एक्सप्रेस नर्मदापुरम।
संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में सोमवार को लगभग 13 संगठनों के पदाधिकारियों , सदस्यों और किसान भोपाल कूच करने सेठानी घाट पर इकट्ठा हुए। किसान मूंग खरीदी और ई टोकन व्यवस्था में सुधार सहित अन्य मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को भोपाल कूच करने की रणनीति बनाई गई लेकिन शासन प्रशासन में किसानों को जाने से रोका और कई किसान संगठनों के नेताओं को नजर बंद किया। उन्हें हिरासत में लिया गया। इसके साथ ही हरदा, सिवनी, सोहागपुर, पिपरिया, बनखेड़ी, माखन नगर सहित जगह-जगह से आए किसानों को रास्ते में रोका गया । सुबह से ही किसान सेठानी घाट पर पहुंचने लगे थे। इस दौरान किसान नेताओं को नजर बंद किया और किसानों को आगे बढ़ने से रोका। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। सेठानी घाट पर किसानों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए सत्यनारायण की कथा कराई । वहीं जमकर बैठ गए और सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की। भारी संख्या में ट्रैक्टर ट्राली से किसान पहुंचे। इसके साथ ही प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था भी पुख्ता थी। जगह-जगह गाड़ियां खड़ी की बेरिकेटिंग लगाकर रोका गया। संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वाधान में किसान सुबह से ही सेठानी घाट पहुंचने लगे थे। ज्ञात हो कि इसके पहले एसपी, कलेक्टर से मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर बैठक हुई लेकिन मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं होने से सोमवार को किसान एकजुट हो गए । अस्थाई जेल में भी कई किसानों को रखा गया और अब सभी जगह नजर रखी जा रही है। ज्ञात हो कि समर्थन मूल्य पर सौ फीसदी मूंग खरीदी, खाद वितरण में ई टोकन व्यवस्था पर सुधार, मंडी अधिनियम को सख्ती से लागू करने और फसल बीमा की क्षतिपूर्ति देने सहित अन्य मांगों को लेकर किसान संगठनों का धरना प्रदर्शन पिछले कई दिनों से चल रहा था। इसको लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की एक बैठक आयोजित की गई जिसमें भोपाल सीएम हाउस घेरने की रणनीति बनाई गई थी। बैठक में मुख्यमंत्री से मुलाकात सहित अन्य बातों पर सहमति बनी थी, जिसको लेकर प्रशासन ने रविवार को किसान संगठनों के एक-एक प्रतिनिधि के प्रतिनिधि मंडल को मुख्यमंत्री से मिलाने की बात कही थी । लेकिन मुख्यमंत्री के दिल्ली रवाना होने के चलते यह बैठक नहीं हो पाई। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन , क्रांतिकारी मजदूर किसान संगठन , राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ , राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ सहित लगभग 13 संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। अभी किसान सेठानी घाट पर बैठे हैं।

