
नर्मदापुरम / प्रदीप गुप्ता / सामान्य वनमण्डल के सीसीएफ अशोक कुमार और डीएफओ मयंक गुर्जर के दिशा निर्देशन में एवं एसडीओ मानसिंह सिंह मरावी के मार्गदर्शन वन विभाग की टीम ने जिले भर के वन बल के साथ सर्चिंग अभियान चलाया। गौरतलब रहे कि लम्बे समय से सागौन माफियाओं के द्वारा सतपुड़ा के जंगलों में अवेध सागौन की कटाई कर जंगल को नुकसान पहुंचाया जा रहा था।जिसे लेकर जिले के डीएफओ मयंक गुर्जर काफी चिंतित थे। शुक्रवार को उनके द्वारा जिले भर के वन बल के साथ सागौन माफियाओं के खिलाफ ऑपरेशन माफिया की शुरुआत की गई। जिससे सागौन तस्करों में हड़कंप मच गया। आपको बता दें कि डीएफओ मयंक गुर्जर ने यह पूरा ऑपरेशन गोपनीय तरीके से प्लान किया।ओर शुक्रवार को इटारसी पहुंच गए जहां जिले के समस्त वन कर्मियों और निचले स्तर के अधिकारियों को एकत्र कर अचानक अलग अलग टीम बनाकर इटारसी ओर केसला में अनेक दुकानों की जांच की गई।इस दौरान केसला में एक फर्नीचर दुकान ओर पुरानी इटारसी में एक दुकान सहित न्यास कालोनी क्षेत्र की एक दुकान को सील कर दिया गया। तत्संबंध में डीएफओ मयंक गुर्जर ने बताया कि फर्नीचर दुकानों को चेक किया गया है। लगभग 3 दुकानें सील की गई हैं। न्यास कालोनी के समीप एक दुकान से कटर मशीन सहित एक लाख से ज्यादा की अवैध सागौन चिरान जब्त की गई है। पुरानी इटारसी में एक फर्नीचर दुकान संचालक के द्वारा कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखाने पर दुकान को सील कर दिया गया है। साथ ही केसला में एक फर्नीचर दुकान से कुछ सागौन की सामग्री मिलने पर उसे भी सील कर वैधानिक कारवाई की जा रही है। श्री गुर्जर ने बताया कि उनका यह ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा। इधर वन विभाग के द्वारा अचानक शुरू किए गए “ऑपरेशन माफिया” से सागौन तस्करों में हड़कंप मच गया है।कुछ दुकानदारों को जब डीएफओ के इस कारवाई की भनक लगी तो वे अपनी अपनी दुकान बंद कर गायब हो गए ।ज्ञात रहे कि जिले के ऊर्जावान डीएफओ मयंक गुर्जर के दिशा निर्देशन में ऑपरेशन माफिया की शुरुआत की गई हैं। शुक्रवार को की गई इस कारवाई में एसडीओ मानसिंह सिंह मरावी सहित जिले के सभी रेंजों और सर्किलों के वन अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

