ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी करवाने के निर्देश
कुछ प्वाइंटों पर सुरक्षा की हो पुख्ता व्यवस्था
दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदापुरम।
शहर में बुधवार को कलेक्टर कार्यालय में नर्मदापुरम संभाग कमिश्नर श्रीकांत बनोठ की अध्यक्षता में रबी फसलों की सिंचाई के लिए संभागीय जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संभागायुक्त बनोठ वीसी के माध्यम से जुड़े। इस दौरान डीआईजी वीरेंद्र सिंह, कलेक्टर आशीष वशिष्ठ, पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम साईं कृष्ण एस थोटा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु जैन, संयुक्त आयुक्त (विकास) नवल मीना, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता राजाराम मीना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वही हरदा कलेक्टर कुमार सत्यम, बैतूल कलेक्टर सौरभ संजय सोनवणे एवं अन्य संबंधित अधिकारी वीसी के माध्यम से ऑनलाइन मौजूद थे। 25 अक्टूबर हरदा , 27 अक्टूबर से सिवनी मालवा की रायगढ़ भिलाड़िया मकड़ाई के लिए व 1 नवम्बर से मिसरोद उप नहर, इटारसी संभाग की नहरें, 5 नवंबर से सोहागपुर से जल प्रवाह शुरू किया जाएगा।निर्धारित की गई तिथियों का पर्याप्त रूप से प्रचार करें। ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी करवाई जाए। साथ ही अपने स्तर पर भी विभाग सभी किसान संगठनों से समन्वय कर तिथियों से अवगत कराएं।
नहर की सुरक्षा व्यवस्था की जाए
इस दौरान जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता राजाराम मीना ने तवा जलाशय की वर्तमान जल संग्रहण स्थिति 1705 एमसीएम जो की उपलब्ध भराव का 87% होने की जानकारी दी। साथ ही बताया कि वर्तमान में नहरो की साफ सफाई का कार्य निरंतर जारी है। कमिश्नर बनोठ ने जल संसाधन विभाग के उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नहरो से पानी छोड़े जाने के लिए बेहतर प्रबंधन एवं बेहतर सुविधा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए की पानी छोड़ने वाले स्थान से लेकर टेल क्षेत्र तक कुछ मुख्य प्वाइंटों पर नहर की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए उन्होंने नहरों की लगातार पेट्रोलिंग किए जाने के निर्देश दिए, साथ ही विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि वह नहर से पानी लेने के लिए किसानों द्वारा जो टेंपरेरी कनेक्शन लिए जाते हैं उन टेंपरेरी कनेक्शन को जल संसाधन विभाग की सहमति के बाद ही जारी किए जाएं। कमिश्नर ने स्थानीय स्तर पर सभी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के भी निर्देश दिए। साथ ही कहां की संबंधित अधिकार नहरों के सुचारु एवं पर्याप्त जल प्रभाव हेतु उपयुक्त प्रबंधन एवं बारीकी से निगरानी करें। कमिश्नर ने बैतूल कलेक्टर को निर्देश दिए कि वह बैतूल जलाशयों के माध्यम से सिंचाई हेतु पानी का उपयोग करने के लिए प्रस्ताव तैयार करें और यथासंभव किसानों को सिंचाई सुविधा हेतु पानी उपलब्ध कराए। राजस्व, पुलिस, विद्युत और जल संसाधन विभाग संयुक्त रूप से सिंचाई हेतू जल आपूर्ति के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। वर्तमान वर्ष में बारिश की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए सभी संबंधित विभाग प्रत्येक परिस्थिति के लिए पूर्व कार्ययोजना तैयार रहें। संभाग में खाद की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करे। खाद की आवक और उठाव की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। पानी छोड़े जाने के बाद भी नहरों की पेट्रोलिंग कर आवश्यकतानुसार साफ सफाई मेंटेनेंस किया जाए जिससे पानी का अपव्यय न हो और टेल क्षेत्र के किसानों तक पानी पहुंचे।

