एसएनजी स्कूल में हुआ मुख्य आयोजन बच्चों ने किया गीता पाठ
कमिश्नर ,कलेक्टर सहित साधु , संत, महात्मा और जनप्रतिनिधि हुए शामिल
दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदापुरम।
गीता जयंती महोत्सव आज से शुरू हुआ। शहर में मुख्य आयोजन एसएनजी स्कूल परिसर में आयोजित किया गया। दीप प्रज्जवलन और सरस्वती गान से शुरू हुए इस कार्यक्रम में बच्चों ने गीता के 15 वें अध्याय का पाठ किया। गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन जीने की कला सिखाती है। यह महोत्सव समाज में ज्ञान, कर्तव्य, अनुशासन और सकारात्मकता का वातावरण बनाने का माध्यम है । इस मौके पर संतों ने कहा कि गीता नकारात्मक दूर करती है। ब्रह्मदेव शास्त्री ने कहा कि कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। काम नहीं करोगे तो तुम्हारे शरीर की यात्रा पूरी नहीं होगी। इसके साथ ही विद्यार्थियों को संदेश दिया कि बच्चों का काम अध्ययन करना होता है। गीता आत्मज्ञान का अमूल संदेश है । इस मौके पर कमिश्नर कृष्ण गोपाल तिवारी, कलेक्टर सोनिया मीना ,सीईओ हिमांशु जैन, ब्रह्मा देव शास्त्री, सुबोध आनंद, ध्रुव चैतन्य , आचार्य सोमेश परसाई, स्वामी प्रणवदास सहित धर्माचार्य , साधु संत, जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए
सेठानी घाट से तिलक भवन में होंगे कार्यक्रम
गीता जयंती महोत्सव समिति द्वारा आज से 3 दिसंबर तक भव्य त्रिदिवसीय ज्ञान-सत्र का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश के प्रतिष्ठित संत और गीता मनीषी पूज्य स्वामी ध्रुव चैतन्य सरस्वती परमाध्यक्ष सुबोध आनंद फाउंडेशन, ऋषिकेश अपने उद्बोधनों से श्रद्धालुओं को गीता के शाश्वत संदेशों से अवगत कराएंगे। स्वामी जी प्रतिदिन सायं 7 बजे से तिलक भवन, सेठानी घाट, नर्मदापुरम में उपस्थित होकर श्रीमद्भगवद्गीता के अध्यायों पर गहन, सरल और प्रेरणादायी प्रवचन देंगे।

