विभागीय प्रकाशन का भी हुआ विमोचन
दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदा पुरम
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में वन एवं वन्यजीव संरक्षण, सुरक्षा व्यवस्था तथा प्रबंधन कार्यों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एल. कृष्णमूर्ति, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक द्वारा टाइगर रिजर्व के कार्यों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों के साथ वन्यजीव सुरक्षा एवं गश्ती व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई तथा अग्रिम पंक्ति के वनकर्मियों से संवाद कर उनके कार्यों एवं अनुभवों पर चर्चा की गई। भ्रमण के दौरान पेट्रोलिंग कैंपों में आवश्यक बर्तनों का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा एवं विभागीय दायित्वों के प्रति समर्पण के लिए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के सात कर्मचारियों को क्षेत्र संचालक पदक से सम्मानित किया गया।
सम्मानित कर्मचारियों में नीलेश भट्ट, वनपाल (पश्चिम पचमढ़ी)इको पर्यटन क्षेत्र के सुचारू संचालन, दुष्यंत मीना, वनपाल (बागड़ा) वन एवं वन्यजीव सुरक्षा तथा अखिल भारतीय बाघ गणना 2026, जैरसिंह, सुरक्षा श्रमिक (बोरी) बारासिंघा पुनर्स्थापन एवं विगत एक दशक से उसके अनुश्रवण, गजेन्द्र चौधरी, वनरक्षक (कामती) दुर्गम क्षेत्र में वन एवं वन्यजीव सुरक्षा, देवेन्द्र मर्सकोले, वनरक्षक (मटकुली)—एम-स्ट्राइप्स गश्ती, रहवास विकास एवं अखिल भारतीय बाघ गणना 2026, नरपत सिंह अलावा, वनपाल (कामती)—एम-स्ट्राइप्स, अखिल भारतीय बाघ गणना 2026 एवं वन्यजीव रहवास विकास तथा रामनिवास मेहरा, वनरक्षक (क्षेत्र संचालक कार्यालय)—इको पर्यटन कार्यों के निष्पादन एवं समन्वय में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही, आगामी प्रबंधन प्रभावशीलता विभागीय प्रकाशनों का विमोचन भी इस अवसर पर किया गया।

