प्रज्ञा प्रवाह मध्य का प्री-लोक मंथन
वन्दे मातरम् एवं युवा संकल्प कार्यक्रम आयोजित
दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदापुरम।
प्रज्ञा प्रवाह मध्य भारत प्रांत के तत्वावधान में प्री-लोकमंथन-2026, वन्दे मातरम् एवं युवा संकल्प कार्यक्रम का आयोजन गर्ल्स होम साइंस कॉलेज में किया गया। सुनील सिंह ने कहा कि लोकमंथन का अर्थ किसी वैचारिक विषय पर समाज के विभिन्न वर्गों के अभिमत एवं विचारों का मंथन करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विमर्श और नैरेटिव के माध्यम से समाज को प्रभावित करने के प्रयास पहले की अपेक्षा अधिक कुटिल रूप में सामने आ रहे हैं। ऐसे समय में सत्य एवं भारतीय दृष्टि को केंद्र में रखकर विमर्श आवश्यक है। मनोज श्रीवास्तव, राज्य निर्वाचन आयुक्त, मध्यप्रदेश ने वन्दे मातरम् के ऐतिहासिक, साहित्यिक, दार्शनिक एवं संवैधानिक पक्षों पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् को उसके संपूर्ण ऐतिहासिक संदर्भ में समझना आवश्यक है। यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भारतीयों में आत्मविश्वास और राष्ट्रीय चेतना जगाने वाला महत्वपूर्ण स्वर रहा है।
मंत्र की शक्ति उसकी समग्रता में होती है
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि वन्दे मातरम् के एक-एक शब्द के पीछे ऐतिहासिक संदर्भ और औचित्य है। उन्होंने इसे चेतना की उच्च अवस्था में रचित रचना बताते हुए कहा कि इसके मूल स्वरूप में मंत्र की अखंडता का भाव निहित है। उनके अनुसार मंत्र की शक्ति उसकी समग्रता में होती है और इसी प्रकार वन्दे मातरम् की राष्ट्रीय चेतना को भी उसके संपूर्ण संदर्भ में समझना चाहिए। श्री श्रीवास्तव ने वन्दे मातरम् के संवैधानिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने वन्दे मातरम् को जन गण मन के बराबर का राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त गीत के रूप में स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि संविधान सभा में किसी संवैधानिक संस्था द्वारा वन्दे मातरम् को केवल दो छंदों तक सीमित करने का निर्णय नहीं लिया गया था। उन्होंने कहा कि भारत की मातृभूमि की वंदना को इसी व्यापक सांस्कृतिक और राष्ट्रीय संदर्भ में समझना चाहिए। उन्होंने वन्दे मातरम् को किसी एक संप्रदाय तक सीमित किए जाने की प्रवृत्ति पर भी अपनी बात रखी और कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका किसी संप्रदाय विशेष की स्वीकृति पर निर्भर नहीं थी।श्री श्रीवास्तव ने कहा कि वन्दे मातरम् ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भारतीयों में आत्मविश्वास, राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता की भावना को जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में सुश्री दुर्गा कालोस, समाजसेवी; डॉ. भारती दुबे, प्राचार्या, गर्ल्स होम साइंस कॉलेज; ताहिर अली, सुनील सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में संतोष व्यास ने आभार व्यक्त किया।

