बी , सी और डी कैटेगरी में स्थान प्राप्त करने वाले तहसीलदारों को नोटिस
दयाराम फौजदार रिपोर्टर राज एक्सप्रेस नर्मदापुरम।
जिले में विभिन्न विभागों में सीएम हेल्पलाइन, न्यायालयीन एवं आयोग के लंबित प्रकरणों, धान उपार्जन, वन अधिकार, खाद वितरण, खाद्यान्न उठाव एवं वितरण सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों को लेकर कलेक्टर ने समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने तथा कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री मिश्रा ने विभिन्न विभागों की खराब रैंकिंग एवं ग्रेडिंग पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्वास्थ, जनजातीय कार्य विभाग, खनिज, पीएचई सहित अन्य विभागों की खराब रैंकिंग पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की एक सप्ताह की वेतन कटौती की कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि बी, सी एवं डी कैटेगरी में स्थान प्राप्त करने वाले तहसीलदारों को नोटिस जारी किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी तहसीलदारों की रैंकिंग ए कैटेगरी में रहनी चाहिए। सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। न्यायालयीन प्रकरणों में भी किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। समय-सीमा के अनुरूप जवाब-दावे प्रस्तुत किए जाएं तथा प्रस्तुत किए गए जवाबों की जानकारी विधि शाखा में अनिवार्य रूप से अद्यतन कराई जाए।
खाद्यान्न वितरण एवं उठाव नहीं होने पर हो कार्रवाई
खाद्यान्न वितरण की समीक्षा में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन विकासखंडों में खाद्यान्न वितरण अपेक्षा अनुसार कम हुआ है अथवा प्रदेश औसत से कम है, वहां संबंधित समितियों के सेल्समैन के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के प्रस्ताव तैयार किए जाएं। उन्होंने आगामी माह के खाद्यान्न उठाव पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग तथा नागरिक आपूर्ति निगम को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध हो सके। कलेक्टर ने जिले में किसानों को निर्बाध रूप से खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद के भंडारण एवं वितरण व्यवस्था पर सभी एसडीएम सतत निगरानी रखें। खाद की उपलब्धता अथवा वितरण से संबंधित किसी भी समस्या का मार्कफेड एवं कृषि विभाग के साथ समन्वय कर तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तन से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस प्रक्रिया के लिए स्पष्ट एसओपी तैयार की जाए । सेवा संकल्प अभियान की जानकारी पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट किए जाने के निर्देश दिए।

