

नर्मदापुरम / एसएनजी स्कूल में पदस्थ व्याख्याता अमित श्रीवास्तव की पंचायत उपचुनाव के दौरान रसूलिया स्थित तहसील कार्यालय में ड्यूटी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि पिछले दो-तीन दिनों से वे तहसील कार्यालय में उपचुनाव संबंधी कार्य करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान उनके कार्य करने के फोटो भी सामने आने की बात कही जा रही है। खास बात यह है कि एसएनजी स्कूल के प्राचार्य संदीप शुक्ला ने जिला शिक्षा विभाग एवं प्रशासन को पत्र लिखकर स्पष्ट रूप से बताया था कि स्कूल में भूगोल विषय के केवल एक ही व्याख्याता हैं, इसलिए उन्हें अन्य शासकीय कार्य में ड्यूटी पर नहीं लगाया जाए। इसके बावजूद अमित श्रीवास्तव के तहसील कार्यालय में पहुंचकर चुनाव संबंधी कार्य करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर उन्हें किस आदेश अथवा किस अधिकारी के निर्देश पर वहां भेजा गया। वहीं दूसरी ओर तहसीलदार का कहना है कि उनके कार्यालय में कोई भी कर्मचारी या शिक्षक अटैच नहीं है। एसडीएम स्तर से भी इसी तरह की स्थिति बताए जाने की बात सामने आई है।
शिक्षक ऐप की हाजिरी के बाद तहसील कार्यालय पहुंचने का दावा
मामले में यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि व्याख्याता सुबह एसएनजी स्कूल पहुंचकर शिक्षक ऐप पर करीब 10:45 बजे अपनी उपस्थिति दर्ज करते हैं और इसके बाद रसूलिया तहसील कार्यालय पहुंचकर पंचायत उपचुनाव से संबंधित कार्य करते हैं। सवाल यह है कि यदि वे स्कूल में ही पदस्थ हैं तो विद्यालयीन समय में उनकी उपस्थिति और कार्यस्थल क्या दर्ज किया जा रहा है।
शिक्षक ऐप पर शाम को लॉक आउट की व्यवस्था की स्थिति स्पष्ट करने की मांग….
शिक्षक शिक्षक ऐप पर शाम को लॉगआउट की व्यवस्था की स्थिति स्पष्ट करने की भी मांग की जा रही है। एस एन जी स्कूल के प्राचार्य द्वारा जिला शिक्षा विभाग और प्रशासन को भेजे गए पत्र में कहा कि स्कूल में भूगोल विषय के एकमात्र व्याख्याता है उन्हें किसी अन्य शासकीय कार्य में नहीं लगाया जाए। यदि उक्त शिक्षक वास्तव में तहसील कार्यालय में चुनाव कार्य कर रहे हैं तो यह जानना जरूरी हो जाता है कि उनकी ड्यूटी किस आदेश किसी आदेश के आधार पर लगाई गई है और संबंधित आदेश किस अधिकारी ने जारी किया ।
अटैचमेंट नहीं तो तहसील कार्यालय कार्य कौन कर रहा है…
शासन द्वारा कर्मचारियों और शिक्षकों के अटैचमेंट को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं की अटैचमेंट ना किया जाए ऐसे में इस मामले में स्कूल प्रबंध और तहसील प्रशासन के कथनों के बीच स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है यदि तहसीलदार के अनुसार कोई शिक्षक उनके कार्यालय में अटैच नहीं है तो फिर अमित श्रीवास्तव तहसील कार्यालय में चुनाव हाल ही में पंचायत के उपचुनाव संबंधी कार्य किस हैसियत से कर रहे थे। यह जांच का विषय है। मामले में शिक्षक की उपस्थिति तहसील कार्यालय उनकी मौजूदगी चुनाव कार्य संबंधी आदेश तथा ड्यूटी लगाई जाने वाले अधिकारी की भूमिका की भी जांच की जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। फिलहाल संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा इस मामले में स्थिति स्पष्ट रूप से कुछ कहने से बच रहे हैं। बता दें कि उक्त व्याख्याता की मोबाइल की लोकेशन जहां उन्होंने हाल ही में सरपंच की उपचुनाव में तहसील रसूलिया में कार्य किया है जिसकी फोटो और कार्य करते हुए हमारे पास सुरक्षित और व्यवस्थित है।
इनका कहना है…
अटैचमेंट नहीं किया गया है। स्कूल में शिक्षक पढ़ा रहे हैं। उनके बुलावा आया था, लेकिन वह गए नहीं, उनके द्वारा स्कूल में पढ़ाया जा रहा है।
संदीप शुक्ला,
प्राचार्य, एस एन जी स्कूल नर्मदापुरम।

