


नर्मदापुरम / सिवनी मालवा / गणेश महोत्सव के पावन अवसर पर प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी श्री मन्नत बाबा गणेश मंडल, गौर मोहल्ला, शासकीय कन्या शाला के पास विशाल भंडारे एवं महाआरती का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर भगवान श्री गणेश के दर्शन किए। गाजे-बाजे के साथ महाआरती की गई और उसके पश्चात सभी ने भंडारे की महाप्रसादी ग्रहण की। पूरा परिसर गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से गूंज उठा।
समिति के सदस्यो ने बताया कि मंडल द्वारा लगभग 50 वर्षों से निरंतर गणेश उत्सव मनाया जा रहा है। मंडल के फ्लेक्स पर लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का चित्र एवं नाम अंकित किया गया है।
उन्होंने बताया कि सार्वजनिक गणेश उत्सव की शुरुआत 1893 में पुणे से लोकमान्य तिलक जी ने की थी। उस समय अंग्रेजों ने सार्वजनिक रूप से एकत्रित होने पर पाबंदी लगा रखी थी। तिलक जी ने देखा कि गणेश जी सभी के आराध्य हैं और धार्मिक आयोजन पर अंग्रेज रोक नहीं लगाते, इसलिए उन्होंने गणेश उत्सव को स्वतंत्रता आंदोलन के लिए लोगों को एकजुट करने का माध्यम बनाया। इसी कारण तिलक जी को गणेश उत्सव का जनक कहा जाता है।

