
नर्मदापुरम / सोहागपुर / सामान्य वनमंडल के सोहागपुर वन परिक्षेत्र के पदस्थ रेंजर हेमंत शर्मा अभी कुछ महीने पहले ही हरदा से सोहागपुर स्थानांतरित होकर आए थे। सोहागपुर वन परिक्षेत्र का कार्य भार सम्हालने के बाद से उनकी सिंघम जैसी कार्यशैली से वन माफियाओं ओर शिकारियों में हड़कंप मच गया था। उनके द्वारा लगातार जंगल में गस्ती कर अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी और लगातार कार्रवाई की जा रही थी। जिससे वन माफिया ओर शिकारियों में हड़कंप मच गया। गौरतलब रहे कि विगत दिनों वन परिक्षेत्र अधिकारी हेमन्त शर्मा ओर उनकी टीम ने निगरानी गश्त के दौरान उप परिक्षेत्र बागरा के परिसर के उत्तर बागड़ा के कक्ष क्रमांक आर.एफ. 322 में अवैध मुरम उत्खनन करते हुए एक पोकलेन मशीन को जब्त किया गया था। मौके पर मशीन ऑपरेटर से वाहन संचालन संबंधी वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया था। इस पर विभाग ने पंचनामा तैयार कर मशीन को जब्त कर उप परिक्षेत्र बागड़ा चौकी पर खड़ा कराया। बताया जा रहा है कि वन भूमि ओर जंगल की भूमि से एक उत्खनन कर्ता के द्वारा मुरूम का अवैध उत्खनन करने की सूचना पर रेंजर हेमंत शर्मा ओर उनकी टीम ने कार्रवाई की । बताया जा रहा है कि पोकलेन मशीन के मालिक की पत्तासाजी करने पर मशीन बुधनी के किसी जितेंद्र राव की निकली।वन विभाग ने जितेंद्र राव के खिलाफ पीओआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
रेंजर का अचानक हुआ तबादला बना चर्चा का विषय….
इधर इस कार्यवाही को अंजाम देने वाले सोहागपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी हेमन्त शर्मा का कारवाई के दो दिनों के अंदर सिवनी बालाघाट तबादला किए जाने की जानकारी भी सूत्रों के हवाले से आ रही है। सूत्रों की माने तो जंगल में अवैध मुरूम उत्खनन करते पकड़ी गई पोकलेन मशीन मामले से रेंजर के इस तबादले को जोड़कर देखा जा रहा है जो कि चर्चा का विषय बन गया है। इस मामले में रेंजर का कहना है कि उनका तबादला विभागीय प्रक्रिया के तहत सिवनी बालाघाट हुआ है।

