
नर्मदापुरम / नर्मदापुरम के लेखक ने लिखी वैश्विक जलवायु प्रलय पर अंग्रेज़ी थ्रिलर जलवायु परिवर्तन के भयावह भविष्य और मानव सभ्यता के अस्तित्व की लड़ाई को केंद्र में रखकर नर्मदापुरम के लेखक अप्रतिम राने (प्रांशु) ने अंग्रेज़ी उपन्यास “…AND THE EARTH WON” लिखा है। लगभग 480 पृष्ठों का यह उपन्यास 4 अगस्त 2026 को प्रकाशित हुआ है और क्लाइमेट फिक्शन, साइंस फिक्शन तथा थ्रिलर का मिश्रण है।
उपन्यास एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता है, जहाँ जलवायु परिवर्तन नियंत्रण से बाहर हो चुका है और पृथ्वी मानव जीवन के लिए लगभग अनुपयुक्त बन चुकी है। मानव सभ्यता को बचाने के अंतिम प्रयास में पृथ्वी के दोनों ध्रुवों पर दो विशाल सुरक्षित डोम बनाए जाते हैं, जिनमें अरबों की आबादी में से केवल लगभग 20 लाख लोगों को आश्रय मिल सकता है।
लेकिन असली संघर्ष डोम बनने के बाद शुरू होता है। कौन बचेगा, किसे पीछे छोड़ दिया जाएगा, सीमित संसाधनों पर अधिकार किसका होगा और मानवता को बचाने के नाम पर सत्ता कितनी दूर तक जा सकती है—कहानी इन सवालों के बीच राजनीति, विज्ञान, तकनीक और मानवीय स्वभाव की परतों को सामने लाती है।
लेखक ने उपन्यास की पृष्ठभूमि किसी एक देश तक सीमित न रखकर इसे वैश्विक स्तर पर रचा है। कहानी में अलग-अलग देशों, परिस्थितियों और पात्रों के माध्यम से यह कल्पना की गई है कि यदि पर्यावरणीय संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाए तो मानव सभ्यता का स्वरूप कैसा हो सकता है।
अप्रतिम के अनुसार, उपन्यास का उद्देश्य केवल भविष्य की एक काल्पनिक आपदा दिखाना नहीं है, बल्कि यह सवाल उठाना भी है कि यदि प्रकृति के साथ वर्तमान टकराव इसी तरह जारी रहा, तो विज्ञान और तकनीक मानवता को आखिर कितनी दूर तक बचा पाएंगे।
“…AND THE EARTH WON” वर्तमान में अमेज़न पर किंडल एडिशन में उपलब्ध है और जल्द ही इसका पेपरबैक संस्करण भी स्टोर्स पर उपलब्ध होगा।
पुस्तक: “…AND THE EARTH WON”,
लेखक: अप्रतिम राने,
भाषा: अंग्रेज़ी,
लंबाई: लगभग 480 पृष्ठ,
विधा: क्लाइमेट फिक्शन / साइंस फिक्शन / थ्रिलर।

