आज दशहरा मैदान में होगी लक्ष्मण शक्ति की लीला
दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदा पुरम।
श्री रामलीला महोत्सव में शहर में लंका दहन की लीला की प्रस्तुति की गई। सीता जी की खोज में श्री हनुमान सौ योजन दूर समुद्र लांघ कर लंका पहुंचते हैं और सीताजी को रामांकित मुद्रिका सौंपकर , अशोक वाटिका को उजाड़कर तथा लंकादहन करने के पश्चात वापिस आकर माता जानकी की सुधि बतलाते हैं। इधर श्रीराम अपनी वानर सेना के साथ समुद्र तट पर भगवान शंकर की पूजा अर्चना करके रामेश्वरम शिवलिंग की स्थापना करके समुद्र में सेतु का निर्माण करवाकर लंका में प्रवेश करते हैं । उधर लंका में रावण अपने भाई विभीषण का त्याग कर देता है । श्रीराम युद्ध के पूर्व अपने विशेष दूत अंगद को एक बार रावण के पास पहुंचाते हैं लेकिन युवराज अंगद की बात नहीं मानने पर श्रीराम-रावण युद्ध की घोषणा हो जाती है । श्रीरामलीला समिति के प्रबंधक अरुण शर्मा ने बताया कि सोमवार को सायं 4:30 बजे से लक्षमण शक्ति की लीला का मंचन दशहरा मैदान पर शुरू होगा। लीला में प्रतीक दुबे ने श्रीराम , अक्षय मिश्रा ने लक्ष्मण , यश शुक्ला ने जानकी , दीपेश व्यास ने हनुमान , सुभाष परसाई ने रावण, मोहन मांझी ने जामवंत , दीपक साहू ने सुग्रीव , गोपाल शुक्ला ने मेघनाद , विनोद परसाई ने विभीषण , युवराज अंगद की भूमिका संदर्भ तोमर , मनोज परसाई ने समुद्र ,अनुकल्प शर्मा ने नल और सहज दुबे ने नील की भूमिका अदा की ।

