नर्मदापुरम।
शहर के हृदय स्थल स्थित कोठी बाजार की सब्जी मंडी इन दिनों फल और सब्जियों के व्यापार के लिए कम, बल्कि अवैध सट्टे के मुख्य अड्डे के रूप में अधिक पहचानी जाने लगी है। मंडी परिसर में सट्टा माफिया बेखौफ होकर खुलेआम लाखों रुपये का सट्टा लिखवा रहे हैं। गरीबों का शोषण, दिहाड़ी पर कटवाई जा रही पर्चियां इस अवैध काले कारोबार का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इसमें गरीब और दिहाड़ी मजदूरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सट्टे के मुख्य आका खाईबाज गरीब मजदूरों को रोज की दिहाड़ी और मामूली कमीशन का लालच देकर पर्ची काटने के काम में लगा रहे हैं। मजदूर सट्टा माफियाओं का मोहरा बन रहे हैं।
प्यादों पर केस, ‘खाईबाज’ आजाद
स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस की कार्रवाई कागजी खानापूर्ति तक ही सीमित रह गई है। जब भी दबाव बनता है, पुलिस छोटे-मोटे पर्ची काटने वाले गरीब मजदूरों को पकड़कर ले जाती है और उन पर छोटे-मोटे केस बना देती है लेकिन पर्दे के पीछे रहकर प्रतिदिन लाखों रुपये का खेल चलाने वाले बड़े खाईबाज और मुख्य सरगना हमेशा पुलिस की पकड़ से बाहर रहते हैं। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि पुलिस प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले, बीट प्रभारी की भूमिका की जांच करे और केवल पर्ची काटने वालों पर नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे बैठकर सट्टा चलवाने वाले मुख्य माफियाओं पर शिकंजा कसे।
इनका कहना है
कुछ दिन पहले कोठी बाजार मंडी में सटोरियों को अरेस्ट करने कार्रवाई की गई थी। अब फिर इनकी धरपकड़ की जाएगी। इसके पहले सटोरियों को अरेस्ट किया और केस दर्ज का जेल भेजा गया। अब जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
गौरव बुंदेला
थाना प्रभारी कोतवाली नर्मदा पुरम

