

नर्मदापुरम / शासकीय विधि महाविद्यालय नर्मदापुरम में 30 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन आज दिनांक 23/09/25 दिन मंगलवार को आर्ट ऑफ ड्राफ्टिंग , प्लीडिंग्स एंड कनवेंसिंग विषय पर आधारित गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के संयोजन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं वंदना से हुआ।
प्राचार्य डॉ. कल्पना भारद्वाज ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक ज्ञान का महत्वपूर्ण अवसर रहा। ड्राफ्टिंग, प्लीडिंग्स और कनवेंसिंग विधिक अध्ययन की आधारशिला हैं, जिनसे भविष्य के अधिवक्ताओं की दक्षता विकसित होती है। यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों को विधिक लेखन, अभिव्यक्ति और न्यायालयीन प्रक्रिया की गहन समझ प्रदान करता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की पेशेवर दक्षता को निखारते हैं और उन्हें व्यवहारिक न्यायिक परिवेश से जोड़ते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। समारोह के मुख्य अतिथि विधायक एवं मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रशिक्षण से दिशा और दशा तय होती है। जिस प्रकार विधायक विधानसभा में पक्ष-विपक्ष के बीच तर्क रखते हैं, उसी प्रकार अधिवक्ता न्यायालय में न्याय की आधारशिला को मजबूत बनाते हैं। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के महानायकों को स्मरण करते हुए कहा कि अधिकांश महानायक बैरिस्टर थे, जिन्होंने समाज का मार्गदर्शन किया। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप कल के भविष्य हैं और विकसित भारत की अवधारणा को पूर्ण करने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। साथ ही उन्होंने बार और बेंच के मधुर संबंधों की महत्ता पर प्रकाश डाला और उपस्थित विद्यार्थियों को अधिकारों की रक्षा और सेवा पखवाड़ा से प्रेरित होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। समापन सत्र में प्रमाण पत्रों का वितरण किया गया। शत-प्रतिशत उपस्थिति हेतु हेमराज परिहार एवं वंशिता यादव को सम्मानित किया गया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में संस्कार गुप्ता ने प्रथम, तनुश्री एवं प्रार्थना ने द्वितीय तथा नबिला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। उत्कृष्ट प्रस्तुतीकरण हेतु शिवम् यादव को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। अन्य प्रशिक्षणार्थियों को सहभागिता प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. महेंद्र कुमार पटेल ने किया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष शिवाकांत मौर्य, डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. ओम् शर्मा, डॉ. हरिप्रकाश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं प्राध्यापक उपस्थित रहे । राजदीप सिंह भदौरिया स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ प्रभारी ने उपस्थित अतिथियों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही तथा कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला उन्होंने बताया कि विधि के विद्यार्थियों के लिए अधिवक्ताओं द्वारा न्यायालय की प्रक्रिया का प्रशिक्षण विद्यार्थियों को डिग्री प्राप्त करने के उपरांत अत्यधिक सहयोग प्रदान करेगा और उनके भविष्य को उज्जवल बनाएगा।

