दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदा पुरम।
शहर सहित आसपास के क्षेत्र में रक्षाबंधन के दूसरे दिन भुजरिया का पर्व श्रद्धा और उमंग से मनाया गया। शहर के ग्वालटोली स्थित काली मंदिर से पारंपरिक भुजरिया शोभायात्रा निकाली गई। जो एसपीएम स्थित राजेश्वरी गार्डन पहुंची और यहां पर कार्यक्रम हुआ।
यह एक पारंपरिक पर्व है जिसमें शोभायात्रा के रूप में भुजरिया को विसर्जित किया गया और फिर गले मिलकर एक दूसरे को शुभकामनाएं देकर शिकवे दूर किए। यह पर्व संस्कृत और परंपराओं का हिस्सा है। पवित्र स्थान पर भुजरिया का विसर्जन किया गया । इसकी शुरुआत नाग पंचमी से रक्षाबंधन तक होती है और इसके बाद इकट्ठा होकर जुलूस के रूप में गुजरिया विसर्जन का कार्यक्रम किया गया। यह भाईचारे और सद्भावना का त्यौहार है । यह नई फसल की उन्नति का प्रतीक भी माना जाता है । इसके साथ ही यह आल्हा ऊदल की वीर गाथाओं की वीरता से भी जुड़ा है । यह है पारंपरिक त्यौहार है और पारंपरिक वेशभूषा में शोभायात्रा निकाली गई। भुजरिया भेंट कर शुभकामना दी गई।

