कैशलेस योजना का उठाएं लाभ-पुलिस
दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदापुरम।
सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को कम करने तथा घायलों को त्वरित और संवेदनशील चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 162 के अंतर्गत सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा कैशलेस उपचार पायलट योजना 13 फरवरी से प्रारंभ की गई है। भारत में किसी भी श्रेणी की सड़क पर मोटर वाहन के उपयोग से हुई दुर्घटना के वे सभी पीड़ित, जिन्हें आघात या बहु-आघात उपचार की आवश्यकता है, इस योजना के अंतर्गत कैशलेस उपचार के पात्र हैं।
योजना के प्रमुख लाभ
अधिकतम 7 दिन तक अस्पताल में भर्ती उपचार या अधिकतम 1,50,000 तक का कैशलेस उपचार। जैसे ही घायल व्यक्ति को सूचीबद्ध अस्पताल में लाया जाता है, उसका उपचार तुरंत प्रारंभ कर दिया जाएगा।शासकीय अस्पताल जिला चिकित्सालय, नर्मदापुरम, श्यामा प्रसाद मुखर्जी चिकित्सालय, इटारसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोहागपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माखन नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र – पिपरिया, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिवनी मालवा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पंचमढ़ी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनखेड़ी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुखतवा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डोलरिया में इलाज होगा। वहीं निजी अस्पताल में ग्लोबल हॉस्पिटल, नर्मदापुरमअनंत हॉस्पिटल, नर्मदापुरम, मीना फ्रैक्चर हॉस्पिटल, नर्मदापुरम, अपना नर्मदा अस्पताल, नर्मदापुरम, न्यू पांडे नर्सिंग होम, नर्मदापुरम, संजीवनी नर्सिंग होम, नर्मदापुरम, दुबे अस्पताल, इटारसी, दयाल अस्पताल, इटारसी, भोपाल केयर हॉस्पिटल, सिवनी मालवा शामिल हैं। वहीं पुलिस नागरिकों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना में घायलों की तत्काल सहायता करें। घायल को नजदीकी सूचीबद्ध अस्पताल तक पहुंचाकर आप एक “राहवीर” बन सकते हैं। सरकार राहगीरों को सम्मान एवं प्रोत्साहन राशि भी प्रदान करेगी।

