गैंगरेप की आरोपियों को सुनाई सजा
दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदापुरम।
आरक्षी केन्द्र पिपरिया का अपराध क्रमांक 0268/23 धारा 376,302.576 की 34 भारतीय दण्ड संहिता 1860 एवं धारा 3(2) (w) (1) 3(2) (v) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1909 में के आधार पर पंजीबद्ध प्रकरण एससीएटीआर-111/2023 में शनिवार को विशेष न्यायालय द्वारा अंतर्गत विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार के न्यायालय में निर्णय पारित किया गया। इसमें अभियुक्त जगमेल उर्फ जिगनेज उर्फ रिंकू जाट, हरदीपसिंह उर्फ गांधी रविदास, दर्शनसिंह उर्फ दर्शी जाट को आजीवन कारावास 302 आजीवन कारावास एवं 3(2) () () एससीएसटी एक्ट के तहत आजीवन कारावास (जो उनके प्राकृत जीवनकाल के लिये होगा) एवं 3000-5000 रूपये अर्थदंड से दंडित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक विशेष न्यायालय सत्येन्द्र सिंह पटेल द्वारा की गई।
यह था पूरा मामला
22 और 23 जून 2023 की दरम्यानी रात्रि में फरियादी द्वारा अपने मोबाईल फोन से डॉयल 100 को एक महिला के मृत अवस्था में पड़े होने की सूचना दी गई। सूचनाकर्ता ने कहा था कि उसके द्वारा 30 एकड़ कृषि भूमि कोली पर ली थी जिसमें मूंग की फसल उगाई है। खेत पर मकान में देखरेख करने माला अभियोक्त्री का पति उसके साथ उसका परिवार रहता था। खेत की कटाई हेतु पटना से हार्वेस्टर बुलाया था जिसमें तीन लोग दर्शनसिंह गांधी सिंह और रिकू उर्फ जिगमेर थे जो पटियाला पंजाब के रहने वाले थे। काम करने वाली महिला को जब उन्होंने देखा किसी ने उसके साथ बलात्कार किया है और बलात्कार करने के बाद उसे जान से मार दिया है। तब 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। मामला दर्ज होने के बाद अभियोग पत्र विशेष न्यायालय नर्मदापुरम् के समक्ष पेश किया गया जहां प्रकरण का विचारण किया गया, विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से 21 साक्षियों वो कथन कराए एवं 59 दस्तावेजों को न्यायालय के समक्ष प्रमाणित कराया गया तथा आरोपीगण का डीएनए परीक्षण भी किया गया जिसकी रिपोर्ट बी पाजीटिब आई । इस आधार पर माननीय विशेष न्यायाधीश श्रीमान मनोज कुमार द्वारा सभी आरोपीगणों को आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया गया।
