मिशन परिवर्तन की मॉनिटरिंग को दिया डिजिटाइज रुप
‘परख एप’ के माध्यम से हो रही प्रभावी मॉनिटरिंग
अब तक अधिकारियों ने किए 2892 निरीक्षण
दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदापुरम।
शहर सहित जिले भर में शालाओं, आंगनवाड़ी केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों तथा छात्रावासों का अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से स्थल भ्रमण कर निरीक्षण हो रहा है। निरीक्षण के दौरान इन संस्थानों की समस्याओं एवं अनियमितताओं की पहचान कर उनके सुधार के लिए संबंधित विभागीय जिला अधिकारियों को सूचित किया जा रहा है, जिससे व्यवस्थाओं में सुधार की दिशा में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित हो रही है। यह कलेक्टर की अभिनव पहल ‘मिशन परिवर्तन @100 के द्वारा किया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, और पोषण संस्थाओं की व्यवस्थाओं को सशक्त करने का यह प्रशासनिक मॉडल बन रहा है। मिशन परिवर्तन की मॉनिटरिंग को डिजिटाइज रूप दिया जा रहा है। परख एप के माध्यम से प्रभावी मॉनिटरिंग हो रही है शासकीय शालाओं में बेंच की व्यवस्था, आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए खिलौने, नई ड्रेस सहित अन्य आवश्यक सामग्री निरीक्षणकर्ता अधिकारियों द्वारा स्वयं उपलब्ध कराई जा रही है। छात्रावासों एवं शासकीय शालाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों के साथ समय व्यतीत करते हुए उन्हें उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
शासकीय संस्थाओं के निरीक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था, 100 अधिकारियों को बनाया ‘परिवर्तक’
शासकीय संस्थाओं में विभिन्न समस्याओं की समय पर जानकारी न मिलने के कारण उनके निराकरण में अनेक अवसरों पर विलंब हो जाता था। अधिकारियों तक सूचना के समय पर न पहुंच पाने तथा फाल्स रिपोर्टिंग जैसी चुनौतियां समस्याओं के चिन्हांकन, आंकलन एवं समाधान में बाधक बन रही थीं। इस स्थिति को प्रभावी रूप से सुधारने हेतु कलेक्टर सोनिया मीना द्वारा एक अभिनव पहल ‘मिशन परिवर्तन @100’ प्रारंभ की गई, जिसके माध्यम से शासकीय संस्थाओं के निरीक्षण एवं प्रबंधन को सुगम एवं प्रभावी बनाया गया है। मिशन परिवर्तन @100 के अंतर्गत जिलेभर में 100 अधिकारियों की ड्यूटी निर्धारित की गई है, जिन्हें उनके कार्यक्षेत्र के आसपास स्थित शासकीय संस्थाओं के नियमित निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
समस्याओं का भी हो रहा निराकरण
कलेक्टर ने निर्देश दिए गए हैं कि अधिकारी केवल निरीक्षणकर्ता की भूमिका में सीमित न रहें, बल्कि परिवर्तक के रूप में कार्य करें। निरीक्षण के दौरान केवल समस्याओं का चिन्हांकन ही नहीं, बल्कि उनके उचित एवं समयबद्ध निराकरण हेतु ठोस प्रयास भी किए जाएं। 4700 शासकीय संस्थाओं के लिए अधिकारियों को परिवर्तन कर्ता बनाया गया है। अब तक 2892 संस्थाओं का निरीक्षण पूर्ण हो चुका है। जिले में कुल 1428 आंगनवाड़ी केंद्र, 1207 छात्रावास, 302 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 1218 शासकीय शालाएं तथा 545 स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों को निरीक्षण हेतु सम्मिलित किया गया है। अब तक अधिकारियों द्वारा कुल 2892 निरीक्षण संपादित किए जा चुके हैं। इनमें 799 आंगनवाड़ी केंद्र, 860 छात्रावास, 183 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 834 शासकीय शालाएं तथा 216 स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों का निरीक्षण परिवर्तक अधिकारियों द्वारा किया गया है।

