दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदापुरम।
औषधि नियंत्रक एवं संचालनालय आयुष भोपाल के अनुसार कई आयुर्वेदिक औषधियों के नमूनों को ग्वालियर स्थित शासकीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला में भेजा गया था। परीक्षण में ‘ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940’ की धारा 33EE के तहत ये औषधियां अमानक पाई गईं।
अमानक पाए गए उत्पादों में कफ कुठार रस एवं लक्ष्मी विलास रस (नारदीय) निर्माण शाला डाबर इंडिया लि.22 साइट साहिबाबाद उ.प्र., प्रवाल पिष्टि एवं मुक्ता शुक्ति निर्माण शाला श्री धनवंतरी हर्बल्ला विलेज किशनपुरा, पीओ गुरूमाजरा तहसील बदी जिला सोलन एच.पी., गिलोय सत्व और कामदुधा रस निर्माण शाला शर्माशु जैनयून आयुर्वेद श्री शर्मा आयुर्वेद मंदिर सिविल लाईनस दतिया म.प्र. शामिल हैं। परिणामस्वरूप प्रदेश में इन सभी आयुर्वेदिक औषधियों की बिक्री व खरीद पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिला आयुष अधिकारी ने बताया कि जिला नर्मदापुरम के सभी औषधि विक्रेता, भंडारणकर्ता और संबंधित संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि वे इन प्रतिबंधित दवाओं का क्रय‑विक्रय न करें।
