कंपनी के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए और संपत्ति की हो जांच
नर्मदा पुरम।
धान खरीदी में उपार्जन में लगने वाली सामग्री को सहकारी समितियां महंगे दामों में खरीदेंगी। इससे समितियों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। जो भी सामग्री धान खरीदी में लगेगी वह महंगे दामों में खरीदना होगा। पिछले साल से यह दर अधिक है। इसके टेंडर हो गए हैं। गिरिराज ट्रेडर्स को इसका टेंडर मिला है। किस अधिकारी ने किसके कहने से है टेंडर दिया इसकी जांच होना चाहिए। यह खेल 5 साल से चल रहा है । वहीं इसकी चल अचल संपत्ति की जांच भी की जाकर इस पर केस दर्ज होना चाहिए। इस मामले में अधिकारियों को कहना है कि समितियां पर इससे भार तो पड़ेगा। सोसाइटियों को यह सामग्री पिछले वर्ष की तुलना में दो से तीन गुना तक बढ़ी हुई दरों पर प्रदायक एजेंसी से मिलेगी। धान उपार्जन कार्य के लिए टैग, धागा मशीन आदि की आवश्यकता होती है। पिछले साल धान खरीदी में इन सामग्री के दाम इस साल की अपेक्षाकृत कम थे, लेकिन इस बार यह ज्यादा है यह टेंडर किस अधिकारियों ने किसके कहने से निकाले और यह खेल कब से चल रहा है यह जांच का विषय है।
