

सीहोर / विद्या भारती मध्यभारत प्रांत द्वारा प्रस्तावित सम्राट विक्रमादित्य सैनिक स्कूल के प्रथम चरण के लोकार्पण तथा अतिरिक्त भवन के भूमिपूजन का भव्य आयोजन ग्राम बगवाड़ा तहसील बुधनी जिला सीहोर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन, शिक्षाविद्, सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीए अरुण डागा (सरकार द्वारा मनोनीत निदेशक, एनएचडीसी लिमिटेड) रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के नाम से स्थापित यह सैनिक विद्यालय न केवल उत्कृष्ट शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रभावना, अनुशासन और आदर्श नागरिकता के संस्कार विकसित करेगा। उन्होंने विद्यालय परिवार तथा विद्या भारती के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक पहल बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने की। उन्होंने अपने आशीर्वचन में कहा कि राष्ट्रनिर्माण का सर्वोत्तम माध्यम संस्कारित शिक्षा है और विद्या भारती वर्षों से इसी दिशा में उत्कृष्ट कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सम्राट विक्रमादित्य सैनिक स्कूल आने वाली पीढ़ी को मजबूत चरित्र, श्रेष्ठ आचरण और देशभक्ति के साथ आगे बढ़ाएगा।
विशिष्ट अतिथि सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्यप्रदेश के अध्यक्ष मोहनलाल गुप्ता ने सैनिक विद्यालय की परिकल्पना, उसकी आगामी संरचना तथा समाज के सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय क्षेत्र के लिए नई ऊंचाइयों की शुरुआत है और इसका लाभ दूरस्थ ग्रामीण छात्रों को भी मिलेगा।
प्रारंभ में प्रादेशिक सचिव डॉ. शिरोमणि दुबे ने कार्यक्रम की विस्तृत भूमिका प्रस्तुत की। उन्होंने विद्यालय की स्थापना के उद्देश्य, दीर्घकालिक लक्ष्य, निर्माण कार्य तथा शैक्षणिक दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह संस्थान प्रत्येक विद्यार्थी में शारीरिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक विकास का वातावरण प्रदान करेगा। कार्यक्रम के पूर्व नये भवन का भूमि पूजन एवं अतिथियों द्वारा परिसर में वृक्षारोपण किया गया। पर्यावरण संवर्धन का यह संकल्प समारोह की विशेष आकर्षक पहल रहा, जिसमें सभी सहभागी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। समारोह का संचालन सौहार्दपूर्ण एवं गरिमा पूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। अंत में सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

