पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते ही दो घंटे में ही किया अरेस्ट
वहीं 4 साल से अपहृत बालिका को भी छुड़ाया
दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदापुरम।
थाना देहात ने मात्र दो घंटे के भीतर ही सायबर सेल व थाना माखन नगर की सहायता से बालिका को अपहरणकर्ता की चंगुल से छुड़ाया। वहीं 4 साल से अपहृत बालिका को बकतरा जिला सीहोर से दस्तयाब किया। दोनों बालिकाओं को सुरक्षित परिजनों को सुपुर्द किया गया। ज्ञात होगी 30 नवंबर तक गुम नाबालिग बच्चियों के दस्तयाब के लिए समाधान ऑनलाइन में द्वारा विशेष जागरूकता अभियान चलाने हेतु निर्देश प्राप्त हुए थे। इसके चलते बालक एवं बालिकाओं की दस्तायाब व बाल अपराधों के संबंध में जागरुक करने हेतु विशेष जागरुकता अभियान मुस्कान संचालित किया जा रहा है। एसपी , एएसपी निर्देशन में अपर्हत बालक, बालिकाओं की पतारसी कर लगातार दस्तयाब की जा रही है। इसी तारतम्य में थाना देहात पर एसडीओपी जितेंद्र पाठक के निर्देशन में शनिवार रात्रि में फरियादी द्वारा थाना आकर 17 वर्षीय बेटी को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला फुसला कर ले जाने की रिपोर्ट की। जिसकी रिपोर्ट पर से थाना देहात में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज किया था। जिसकी विवेचना में पूछताछ की गई जिसमें परिजनों ने संदेही मोहित जाटव पर अपर्हता को अपहृत कर ले जाने संबंधी शंका जाहिर की। पुलिस थाना देहात द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए संदेही का मोबाइल नम्बर प्राप्त कर उक्त मोबाइल की लोकेशन सायबर सेल से ली गई । संदेही का मोबाइल थाना बाबई की ओर मूव करना पाया गया, जिसके संबंध में तत्काल थाना प्रभारी माखन नगर को सम्पर्क कर अपर्हता व आरोपी का हुलिया बताते हुए व्हाट्सएप्प के जरिये फोटोस शेयर किये गये। थाना प्रभारी द्वारा भी त्वरित कार्यवाही करते हुए संदेही को नाकाबंदी कर पकड़ा । बालिका को दस्तयाब कर सुरक्षित उसके परिजनों को सुपुर्द किया गया। परिजनों को पुलिस पर पूरा भरोसा हो गया है कि हमारे बच्चे सुरक्षित है ।
2021 से अपहृत बालिका को बकतरा से किया दस्तयाब
2021 में अपहृत बालिका को बखतरा जिला सीहोर से दस्तयाब किया गया। अपर्हता के भाई ने थाने में अपनी 17 वर्षीय नाबालिग बहन को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसला कर ले जाने की रिपोर्ट लिखाई थी। जिसकी पतारसी हेतु कई प्रयास किये गये। जिसके संबंध में ज्ञात हुआ कि वह बकतरा में रह रही है, जिसकी तलाश पतारसी हेतु टीम को बकतरा रवाना किया । अपहृत को दस्तयाब कर सुरक्षित परिजनों को सुपुर्द किया गया। दोनों कायवाही में उनि मोनिका गौर, सउनि सुखनंदन नर्रे, सउनि प्रवीण शर्मा, प्र.आर. संजय गौर, प्र.आर. नवीन दुबे, म.प्र.आर. पदमा, सायबर सेल से आर. संदीप यदुवंशी, आर. महेन्द्र धुर्वे, म.आर. शालिनी, म.आर. किरण चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
