प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के नर्मदा जिले से किया वर्चुअल संबोधन
जनजातीय गौरव दिवस पर कलाकारों एवं स्कूली बच्चों ने दिखाई जनजाति नृत्य की झलक
दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदापुरम।
आदिवासी जनजाति, संस्कृति का अद्भुत रूप है। अंग्रेजों ने जनजातीय संस्कृति को खंडित करने का अनेक बार प्रयास किया। जनजातीय समाज धर्म संस्कृति एवं सांस्कृतिक मूल्यों और अपनी धरोहर को बचाने वाला समाज है। भगवान बिरसा मुंडा का जनजाति समाज में अमूल्य योगदान है। भगवान बिरसा मुंडा ने एवं जनजातीय समाज ने भारत देश को स्वतंत्र कराने के लिए अपना बलिदान दिया है। यह बात सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने शनिवार को भगवान बिरसा मुंडा के 150 वे जन्म जयंती के गौरव दिवस के कार्यक्रम में कहीं। कार्यक्रम शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय केसला में आयोजित किया गया। सांसद श्री चौधरी ने कहा कि अंग्रेजी शासन को उखाड़ फेंकने में जनजाति समाज ने आगे बढ़कर अपना बलिदान दिया है लेकिन अंग्रेजों ने उनका गलत चित्रण किया। अंग्रेज कभी भी जनजातीय समाज के क्षेत्र में कब्जा नहीं कर पाए इसलिए उन्होंने जनजातीय समाज का गलत चित्रण किया। पूर्ववर्ती सरकारों ने भी जनजाति महापुरुषों का उचित मान सम्मान नहीं किया। 24 वर्ष 9 माह की आयु में भगवान बिरसा मुंडा को भगवान का दर्जा दिया गया। श्री चौधरी ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि गांव गांव जाकर जनजाति गौरव दिवस मनाएं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज ने कभी भी अपनी मूल भावना को नहीं त्यागा। अंग्रेज और मुगलों के साथ संघर्ष करने वाले आदिवासी समाज के टंट्या मामा भील का अमूल्य योगदान है। आदिवासी समाज के विद्यार्थियों की प्रगति एवं उत्थान के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना, आवास सहायता योजना, आश्रम एवं छात्रावास योजना, सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना, यूपीएससी की कोचिंग योजना, स्वरोजगार के लिए टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना एवं भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना संचालित कर रही है। ग्राम बारसोल से भौरा तक 26 करोड़ रुपए की सड़क स्वीकृत की गई है। भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर विधिवत कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
जब भी बलिदान की बात आएगी जनजाति समाज का नाम सामने आता रहेगा-मोदी
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा जन्म जयंती गौरव दिवस समारोह को गुजरात के नर्मदा जिले से देशवासियों को वर्चुअल संबोधित करते हुए कहा कि जब भी बलिदान की बात आएगी तब तब जनजाति समाज का नाम सामने आता रहेगा। भगवान बिरसा मुंडा ने अपना पूरा जीवन अंग्रेजों से संघर्ष करते हुए बिताया। अनेक जनजातीय नायकों ने अंग्रेजी सत्ता के विरुद्ध अपार संघर्ष किया। श्री मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी नायकों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। लेकिन दुर्भाग्य से उनके संघर्ष त्याग को पूर्ववर्तियों ने कमतर कर दिया था। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज की सभी बोलियां को संग्रहित एवं सुरक्षित करने के लिए कार्य किया जा रहा है।
स्कूली विद्यार्थी एवं कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की बिखेरी छठा
केसला में आयोजित जनजाति गौरव दिवस के कार्यक्रम में आदिवासी लोक कला एवं संस्कृति की अद्भुत छठा बिखरते हुए शिव शक्ति डंडार मंडल ग्रुप के नृत्य दल के कलाकारों ने शानदार डंडार नृत्य की प्रस्तुति दी। भोपाल से आए कलाकारों ने
नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी । प्रतिभाशाली विद्यार्थियों एवं उत्कृष्ट काम करने वाले कर्मचारियों को किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती राधा सुधीर पटेल, नगर पालिका इटारसी के अध्यक्ष पंकज चौरे, जनपद पंचायत केसला के अध्यक्ष गंगाराम कलमे, उपाध्यक्ष श्रीमती अर्चना मेहतो, जनप्रतिनिधि संतोष पारीक, श्रीमती प्रीति शुक्ला, मुकेश चंद्र मैना, हंस राय, योगेंद्र सिंह, बृजेश किशोर पटेल, श्रीमती सीमा कास्दे, सरपंच श्रीमती झंनिया बाई, कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु जैन सहित जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी , जनप्रतिनिधि , शिक्षक, विद्यार्थी गण एवं केसला के नागरिक जन उपस्थित रहे।

