हम प्रकृति को मां के रूप में पूजते हैं
एस एन जी ग्राउंड से निकला आर एस एस का पथ संचलन
शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चल रहे कई
कार्यक्रम
दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदा पुरम
शहर में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में एस एन जी ग्राउंड से पथ संचलन निकाला गया। समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संकल्प दोहराया। पथ संचलन विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस ग्राउंड पहुंचा जहां कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दादा गुरु ने दीप प्रज्वलित कर किया । मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए दादा गुरु ने कहा कि एक धर्म एक धरा एक परिवार की कल्पना जिसके चित्त के अंदर है वही हमारा स्वयंसेवक है। हम जन्म देने वाली मां के साथ-साथ प्रकृति की भी पूजा करते हैं जल और प्रकृति भी हमारी मां है। उन्होंने कहा कि स्वयं सेवक के अंदर कोई जाति, ऊंच नीच का भाव नहीं होता। केवल परिवार, एक संस्कृति और एक ध्वज के नीचे सभी साथ हो। एक धर्म, एक धरा और एक परिवार कल्पना किसी के चित के अंदर है, वहीं हमारा स्वयं सेवक है। विश्व के कल्याण की भावना जिसके अंदर है, वहीं स्वयं सेवक है। अखंड निराहार अवधूत सिद्ध महायोगी दादा गुरु ने कहा कि हम हिंदुत्व की भावना से काम करना है। ध्वज पूजन कर हम कार्य करते हैं। हमारा सनातन ही धर्म है। हमारे राष्ट्र की पहचान आज विश्व भर में है। हमारा राष्ट्र सर्वोपरि है। कार्यक्रम की शुरुआत में अमृत वचन, एकल गीत, बौद्धिक और शस्त्र पूजन हुआ। इसके बाद घोष की धुन के साथ संचलन विवेकानंद घाट, मीनाक्षी चौक, राम जी बाबा के सामने , सतरस्ता , जय स्तंभ , में बाजार, जुमेराती, सराफा बाजार, एकता चौक होते हुए वापस स्टेडियम पहुंचकर समाप्त हुआ। यह संचलन देशभर में 2 से 12 अक्टूबर तक आयोजित हो रहे हैं।
जगह-जगह हुई पुष्प वर्षा, बजाए ढोल और शंख
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन का शहर भर में स्वागत हुआ। स्वयंसेवी संस्थाएं, धार्मिक संस्थाएं और लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया । ढोल बजाए और भगवा झंडा लगाकर स्वागत किया । इसके साथ ही शंख बजा कर पथ संचलन कर रहे स्वयंसेवी का अभिनंदन किया गया । इसके साथ ही कई जगह पर भगवान श्री राम और वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारे भी लोगों ने जमकर लगाए। जगह-जगह महिलाओं ,पुरुषों और बच्चों ने भी स्वयंसेवी का स्वागत किया।

