
नर्मदापुरम / शहर के व्यस्त सराफा बाजार में दिनदहाड़े राज ज्वेलर्स से सोने के आभूषण चोरी होने का मामला अब नए सवाल खड़े कर रहा है। मुंह पर कपड़ा बांधकर गहने खरीदने पहुंची एक महिला द्वारा चोरी की वारदात को अंजाम देने का मामला सामने आया था। घटना के बाद दुकान संचालक ने कोतवाली थाने में करीब 200 ग्राम सोने के आभूषण चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें गले के हार और पेंडल चोरी होने की बात सामने आई थी। कान की बालियां दिखाने का घटनाक्रम भी चर्चा में रहा। लेकिन अब महिला की गिरफ्तारी के बाद चोरी हुए सोने की मात्रा 450 ग्राम और उसकी कीमत करीब 65 लाख रुपये बताए जाने की चर्चा ने पूरे मामले को सवालों के घेरे में ला दिया है। आखिर शुरुआती शिकायत में 200 ग्राम सोना चोरी होने की बात थी, तो बाद में यह आंकड़ा 450 ग्राम तक कैसे पहुंच गया? करीब 250 ग्राम सोने का यह अंतर किस आधार पर सामने आया?
व्यापारी के दावे और शुरुआती शिकायत में अंतर क्यों ?…..
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल चोरी हुए सोने के वास्तविक वजन और उसकी कीमत को लेकर है। यदि चोरी हुए आभूषणों की मात्रा 450 ग्राम बताई जा रही है, तो इसका आधार क्या है? क्या व्यापारी के पास आभूषणों की खरीद से जुड़े बिल, स्टॉक रजिस्टर और अन्य दस्तावेज उपलब्ध हैं? क्या पुलिस ने शुरुआती शिकायत और बाद में सामने आए आंकड़ों का मिलान किया है? सवाल यह भी उठता है कि जब शुरुआत में 200 ग्राम सोने की चोरी दर्ज कराई गई थी, तो शेष 250 ग्राम सोने की जानकारी कब और किस आधार पर सामने आई? क्या प्रारंभिक शिकायत में कुछ आभूषणों का विवरण छूट गया था या जांच के दौरान कोई नई जानकारी सामने आई?
65 लाख रुपये की कीमत का आधार भी हो स्पष्ट…..
चोरी के आभूषणों की कीमत करीब 65 लाख रुपये बताए जाने की चर्चा के बीच उनके वास्तविक वजन और मूल्यांकन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। आखिर किस आधार पर इतनी बड़ी राशि का आकलन किया गया? क्या आभूषणों के वजन, शुद्धता और कीमत से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया गया है?
पुलिस जांच से साफ होगी पूरी तस्वीर……
दिनदहाड़े सराफा बाजार में हुई चोरी और महिला की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस के सामने चोरी की वारदात के साथ-साथ सोने की मात्रा और कीमत को लेकर सामने आए अलग-अलग आंकड़ों को स्पष्ट करने की चुनौती भी है। फिलहाल 200 ग्राम से 450 ग्राम तक पहुंचे सोने के आंकड़े ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में चोरी हुए आभूषणों की वास्तविक मात्रा कितनी सामने आती है और शुरुआती शिकायत व बाद में सामने आए आंकड़ों के बीच अंतर की क्या वजह निकलती है।
इनका कहना है….
मूल एफआईआर 450 ग्राम की दर्ज की गई है। व्यापारी ने 200 ग्राम बोला था लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी फिर उनके पुत्र ने पूरी जानकारी दी और इसके बाद 450 ग्राम की एफआईआर दर्ज की गई और जब सोना जब्ती के बाद तोला गया तो उसका वजन भी उतना ही निकला । उनके पास बिल आदि भी थे।
गौरव बुंदेला,
थाना प्रभारी, कोतवाली नर्मदापुरम।

