
नर्मदापुरम / नर्मदापुरम जिले में बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए कार्यरत एनी बेसेंट मेमोरियल शिक्षण समिति के तत्वावधान में, ऐनी बेसेंट विशेष विद्यालय एवं आवासीय छात्रावास के प्रांगण में दो दिवसीय (4 और 5 नवंबर) वोकेशनल प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ किया गया। इस प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा व्यावसायिक प्रशिक्षण (वोकेशनल ट्रेनिंग) के दौरान तैयार की गई सुंदर और उपयोगी सामग्रियां प्रदर्शित की गई हैं।
नीरजा फौजदार और वरिष्ठ नागरिक परिसंघ ने किया शुभारंभ…..
प्रदर्शनी का शुभारंभ माँ नर्मदा सहयोग समिति की अध्यक्ष एवं प्रख्यात समाज सेविका नीरजा फौजदार तथा वरिष्ठ नागरिक परिसंघ (प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित दशरथ प्रसाद तिवारी एवं उनकी टीम) के आतिथ्य में संपन्न हुआ।
नीरजा फौजदार ने बच्चों के साथ अनूठी दीपावली मनाते हुए कहा, “हम सब प्रतिवर्ष सबसे पहले दीपावली दिव्यांग बच्चों के साथ ही मनाते हैं, ताकि इन बच्चों के चेहरों पर खुशी आ सके।” उन्होंने बच्चों द्वारा निर्मित सजावटी सामग्रियों की खरीदी कर उनका सीधा आर्थिक सहयोग भी किया। वहीं, पंडित दशरथ प्रसाद तिवारी और उनकी टीम ने भी बच्चों की इस अद्भुत कला की खुलकर सराहना की।
विशिष्ट जनों की उपस्थिति….
कार्यक्रम के दौरान ‘नमस्ते नर्मदापुरम’ पेज के एडमिन तन्मय करैया विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों द्वारा तैयार की गई सामग्रियों को देखकर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की और उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर संस्था की संचालिका श्रीमती आरती दत्ता, संस्था अध्यक्ष श्रीमती शेफाली कानाथ एवं संस्था सचिव रजनीश वरुमैया भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
बुधनी के विद्यार्थियों ने बढ़ाया हौसला….
कार्यक्रम के दौरान बीबीएम स्कूल, बुधनी के कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई। उन्होंने विशेष बच्चों के साथ समय बिताया, उनकी कला को नजदीक से देखा और संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया।
बच्चों के साथ मनाई खुशियों की दीवाली…….
शुभारंभ अवसर पर अतिथियों, शिक्षकों और बच्चों ने मिलकर फुलझड़ियाँ जलाईं और उत्सव का आनंद लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को स्वादिष्ट अल्पाहार वितरित किया गया। इस दौरान विद्यालय के समस्त बच्चे एवं समस्त शिक्षकगण पूरी तन्मयता के साथ उपस्थित रहे।
संस्था की ओर से जिलावासियों से विनम्र अपील की गई है कि वे 4 और 5 नवंबर को संस्था प्रांगण में पधारकर इन विशेष बच्चों द्वारा तैयार की गई सामग्री का अवलोकन करें और खरीदारी कर उनका उत्साहवर्धन करें।

