

नर्मदापुरम / विद्याललिताम्बा समिति के तत्वावधान एवं आचार्य सोमेश परसाई के सान्निध्य में आयोजित होने वाले सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं संगीतमय रुद्राभिषेक महोत्सव की तैयारियों एवं रूपरेखा निर्धारण हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
बैठक का संचालन राहुल सोलंकी ने किया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण का भव्य आयोजन ग्राम रैसलपुर में 12 दिसंबर से 18 दिसंबर तक किया जाएगा। उन्होंने कार्यक्रम की प्रस्तावित रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए आयोजन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं एवं तैयारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। बैठक में उपस्थित प्रबुद्धजनों ने आयोजन को भव्य, दिव्य एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
इस अवसर पर आचार्य सोमेश परसाई ने अपने उद्बोधन में कहा कि पार्थिव शिवलिंग निर्माण कोई नवीन परंपरा नहीं, अपितु यह सृष्टि के प्रारंभ से चली आ रही सनातन धार्मिक परंपरा है। युगों-युगों से श्रद्धालु अपनी आस्था एवं मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान शिव के पार्थिव स्वरूप का निर्माण एवं पूजन करते आए हैं।
आचार्य श्री ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान करना नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण, पर्यावरण की रक्षा तथा गौ, गंगा और गौरी के अस्तित्व, संरक्षण एवं सम्मान के प्रति समाज में जागरूकता उत्पन्न करना है। गौ, गंगा और गौरी हमारी संस्कृति एवं सभ्यता के आधार स्तंभ हैं। इनके संरक्षण और सम्मान का संकल्प ही इस दिव्य आयोजन की मूल भावना है।
उन्होंने आगे बताया कि नगर में जब भी इस प्रकार का आयोजन किया जाता है, तो उसके लिए विशेष रूप से गौ नवरात्रि के पावन अवसर का चयन किया जाता है। मान्यता है कि इस विशिष्ट धार्मिक मुहूर्त में भगवान शिव की आराधना एवं पार्थिव पूजन करने से साधकों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है तथा उनके मनोरथ पूर्ण होते हैं।
बैठक में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं एवं प्रबुद्धजनों ने आयोजन को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग एवं सहभागिता का संकल्प व्यक्त किया।

