दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदा पुरम।
जिले कलेक्टर सोमेश मिश्रा का समय स्थानांतरण होने से जनता की भावनाओं को ठेस पहुंची है। इसको लेकर सर्व हिंदू समाज और नगरवासियों ने कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। लोगों का कहना है कि नगर में हो रही अवैध शराब बिक्री, स्कूलों के आस पास नशाखोरी, जुंआ सट्टा , स्थान स्थान पर अराजकता वातावरण को ले कर व्यग्र व उदिग्न थे। ऐसे वातावरण में जिलाधीश के रूप में सोमेश मिश्रा का आगमन हुआ। उनकी कार्य शैली व व्यवहार जनता के प्रति उदार एवं मित्रवत प्रतीत हुआ। समस्या के निवारण को लेकर उनका रवैया त्वरित व ठोस कार्य वाही का देखने को मिला। उन्होंने अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की मुहिम चला रखी थी जैसे की पूर्व में देखने को कम ही मिली थी। ऐसे कर्तव्यनिष्ठ सच्चे जन सेवक रूपी जिलाधीश का यकायक स्थानांतारण होने से जनता की भावनाओं को ठेस भी पहुंची है व वर्तमान सरकार के प्रति प्रश्न चिन्ह भी मानस में उभरा है कि क्या ऐसे निष्ठावान बेदाग मिलनसार धार्मिक व्यक्ति को पुर्ण निष्ठा से अपनी सेवाएं दे रहा था सरकार पसंद नहीं करती है क्या ? जिस जनसेवक को पुरुस्कार मिलना चाहिये था उन्हे पद से हटा कर अफिस में सीमित कर देना तो जनभावना के विपरीत निर्णय है। शासन को सोमेश मिश्रा को स्थानांतारण को निरस्त कर फिर से जिलाधीश नर्मदापुरम बना कर जन भावना का सम्मान करना चाहिये

