


नर्मदापुरम / सेवा संकल्प अभियान के तहत शासकीय कन्या महाविद्यालय इटारसी की एनएसएस एवं एनसीसी छात्राओं द्वारा गोद ग्राम सोनासांवरी में एक दिवसीय कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप के दौरान छात्राओं ने आंगनबाड़ी केंद्र 1 व 2 में स्वच्छता अभियान चलाया और बच्चों को पोषण आहार एवं स्टेशनरी का वितरण किया। इसके साथ ही, महाविद्यालय की छात्राओं ने चौपाल सजाकर ग्रामीणों एवं अभिभावकों को आंगनबाड़ी से जुड़ी “पोषण भी पढ़ाई भी”, “प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना”, “लाडली बहना योजना” और “किशोरी बालिका सशक्तिकरण” जैसी शासन की महत्वाकांक्षी जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी, ताकि पात्र हितग्राही इनका पूरा लाभ उठा सकें। कार्यक्रम के दौरान डॉ. शिरीष परसाई द्वारा रचित एवं निर्देशित नुक्कड़ नाटक “नशे को ना और जिंदगी को हां” का जीवंत मंचन किया गया। छात्राओं ने अभिनय के माध्यम से नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और आर्थिक नुकसान को उजागर करते हुए ग्रामीणों को व्यसन मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. हरप्रीत रंधावा ने बताया कि एक दिवसीय कैंप के माध्यम से छात्राओं द्वारा स्वच्छता, पोषण और व्यसन मुक्ति के लिए ग्रामीण अंचल में किया गया, यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। इस प्रकार के अभियानों से छात्राओं में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना सुदृढ़ होती है। एनएसएस प्रभारी श्रीमती प्रेमलता पाटिल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का मुख्य उद्देश्य अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक जन-जागरूकता का प्रकाश पहुंचाना है। हमारी छात्राएं निरंतर ऐसे गोद ग्रामों में जाकर शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने और सामाजिक कुरीतियों को मिटाने का प्रयास करती रहेंगी। नुक्कड़ नाटक की लेखक एवं निर्देशक डॉ. शिरीष कुमार परसाई ने कहा कि नशा परिवार को दीमक की तरह खोखला करता है। कला के माध्यम से नशामुक्त समाज का संदेश देना ही हमारा लक्ष्य है। ‘नशे को ना और जिंदगी को हां’ यही आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। ग्राम सोनासांवरी में पंचायत सचिव संतोष जिंजोरे ने कहा कि इस एक दिवसीय कैंप की पहल से ग्रामीणों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और शासकीय योजनाओं को लेकर अभूतपूर्व जागरूकता आई है।
आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती शैलवती चौरे, आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 2 की प्रभारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती रजनी पटेल एवं आंगनबाड़ी सहायिका श्रीमती ब्रजवाला साहू ने कहा कि छात्राओं की इस पहल से बच्चों में उत्साह बढ़ा है और अभिभावकों को शासकीय योजनाओं की सही जानकारी मिली है। स्वच्छता, पोषण और जागरूकता से जुड़ा यह आयोजन ग्रामीण क्षेत्र के लिए बेहद उपयोगी और प्रेरणादायी साबित हुआ है । कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय के प्राध्यापकों रविंद्र चौरसिया, डॉ. संजय आर्य, डॉ. श्रद्धा जैन, अमन वर्मा एवं मंथन दुबे की भूमिका प्रमुख रही। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए गांव को स्वच्छ, स्वस्थ और नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।

