



नर्मदापुरम / दिनांक 19-03-26 को नर्मदापुरम देहात थाना क्षेत्र निवासी श्रीमति रूबी पति दिनेश फौजदार द्वारा सायबर सेल, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, नर्मदापुरम उपस्थित होकर वित्तीय धोखाधडी संबंधी आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया। जिसमें फरियादिया द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा जूडियक नामक वेबसाईट से आनलाई कपडों की शापिंग की गयी थी। सामान की डिलीवरी होने पश्चात फरियादिया द्वारा उक्त सामग्री को वापस करने हेतु गूगल ब्राउजर से जूडियक कंपनी के कस्टमर केयर का मोबाईल नंबर निकाल कर दिए गए, मोबाईल नंबर पर संपर्क किया गया। उक्त नकली कस्टमर केयर वाले व्यक्ति द्वारा फरियादिया से सामान वापस लेकर पैसे पुनः फरियादिया के खाते में पैसे डालने का कहकर झांसे में फरियादिया से 90,000 व 9,000 के दो ट्रांजेक्शन कराकर कुल 99,000 रुपये की राशि फरियादिया के खाते से वित्तीय धोखाधड़ी कर काट ली गई। सायबर सेल द्वारा फरियादिया की शिकायत को तत्काल NCRP पोर्टल पर दर्ज करते हुए पैसे होल्ड कराने की प्रोसेस की गई। सायबर पोर्टल से प्राप्त जानकारी के अनुसार सायबर ठगों द्वारा फरियादिया के खाते से ठगी गई, संपूर्ण राशि को पहली लेयर के ही खाते से ग्राहक सेवा केन्द्र से आहरित कर ली गई। इसके पश्चात फरियादिया द्वारा थाना देहात, नर्मदापुरम में उक्त वित्तीय थोखाधडी के संबंध में लिखित शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया गया। जिसपर से थाना देहात में अपराध क्र. 170/2026 धारा 318(4) बीएनएस का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम द्वारा थाना प्रभारी देहात को मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए टीम को अंतरराज्य भेजे जाने हेतु निर्देशित किया गया । विवेचना के दौरान फरियादिया के खाते से ठगी गई संपूर्ण राशि फिनो बैंक के खाता क्र. 20338743813 में जमा होना पाई गई। उक्त खाते के खाता धारक की जानकारी प्राप्त करने पर खाता धारक का नाम विकास बाथम पिता सौवरन बाथम निवासी ग्राम देवरी कला, भीतरवार, जिला ग्वालियर का होना पाया गया। जिसके संबंध में अन्य आवश्यक जानकारी एकत्रित कर थाना देहात पुलिस टीम द्वारा आरोपी विकास बाथम को केरल राज्य से अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा उसके खाते में जमा हुई राशि को भीतरवार के ही ग्राहक सेवा केन्द्र से आहरित करना स्वीकार किया गया। जिसके पश्चात आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया । विवेचना पूर्ण होने पश्चात माननीय न्यायालय के समक्ष चालान पेश किया गया। माननीय न्यायालय के आदेश से फरियदिया के पूरे पैसे फरियादिया को वापस कराए गए। जिसके पश्चात फरियादिया श्रीमति रूबी फौजदार एवं उनके पति दिनेश फौजदार द्वारा पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम के निर्देशन में की गई त्वरित कार्यवाही से संतुष्ट होकर पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम साई कृष्णा एवं पुलिस टीम का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए पूरी टीम को सम्मानित करने की इच्छा व्यक्त की गई। पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम द्वारा उनके आग्रह को स्वीकार किया गया। दिनेश फौजदार द्वारा दिनांक 05 अक्टूबर 26 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय नर्मदापुरम उपस्थित होकर पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम का आभार व्यक्त कर पुलिस के द्वारा की गई इस संपूर्ण कार्यवाही की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए पूरी टीम को सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम द्वारा दिनेश फौजदार के द्वारा किये गए सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए इसे पुलिस का मनोबल और कार्यक्षमता बढ़ाने वाली कार्यवाही बताया गया।
पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के निर्देशन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस जीतेन्द्र पाठक के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी थाना देहात निरीक्षक उषा मरावी द्वारा हमराह बल के टीम गठित कर सायबर सेल के सहयोग से आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई।
सराहनीय भूमिका थाना प्रभारी थाना देहात निरीक्षक उषा मरावी, प्रभारी बनापुरा चौकी उनि. खुमान सिंह पटेल, उनि सुखनंदन नरें, सउनि प्रवीण शर्मा, सउनि दिनेश मेहरा, प्र. आर. संजय गौर एवं सायबर सेल से आर दीपेश सोलंकी की सक्रिय भूमिका रही।

