
नर्मदापुरम / नगर के गणमान्य नागरिक समाजसेवी पत्रकार एवं व्यापारी संघ द्वारा अतृप्त आत्माओं का किया तर्पण किया समिति के समाजसेवी पत्रकार मनमोहन यादव ने बताया कि विगत 26 वर्षों से अकाल मृत्यु का शिकार हुई, अतृप्त आत्माओं के तर्पण करते आ रहे हैं। ज्ञात अज्ञात अमर शहीद दुर्घटना में अकाल मृत्यु का शिकार हुए अमावस्या के दिन हुई नर्मदा में हुई। घटना लगभग 30 वर्ष पूर्व एक बड़ी नाव नर्मदा में डूब जाने से अकाल मृत्यु का शिकार हुए उन अतृप्त आत्माओं का तर्पण पिंडदान कर उनकी आत्मा शांति के लिए हम 26 वर्षों से कार्यरत हैं और सभी मिलजुल कर हम यह तर्पण पिंडदान का कार्य करते आ रहा है। नर्मदापुरम नगर के व्यापारी संघ समाज सेवी गणमान्य नागरिक सभी के सहयोग से हम आज 27 व वर्ष पर कार्यक्रम को सफल बनाने में सफल हुए हैं। मनमोहन यादव ने बताया कि 26 वर्ष पूर्व हम मां नर्मदा तट पर कफन दफन समिति के माध्यम से घाट का साफ सफाई करते आए हैं और मां नर्मदा को स्वच्छ बनाए रखने की अपील करते हुए सभी को समझाइए देते हुए आए हैं। मां नर्मदा के जल में साबुन का उपयोग न करें, पानी कचरा नर्मदा जल में ना फेके, स्वच्छता का संदेश देते हुए आज हमें 26 बार पूर्ण हुआ। इस समय हमें अकाल मृत्यु का शिकार हुए लोगों का और जिनके परिवार में तर्पण करने वाला कोई नहीं है, पिंडदान करने वाला कोई नहीं है। उन अतृप्त आत्माओं का तर्पण का विचार करते हुए और मां नर्मदा में 30 वर्ष पूर्व
एक दुखद घटना हुई थी। नर्मदा घाट पर एक बड़ी नाव अमावस्या के दिन डूब गई थी जिसमें कुछ लोगों की अकाल मृत्यु हुई थी उसे घटना में मेरे चाचा मदन यादव ग्वालटोली से थे उन और उनके साथ घटना में जो घटना का शिकार हुए उन अतृप्त आत्माओं की यहां पर आवाज़ चीख अलग-अलग प्रकार की आवाज़ चिल्लाने की आवाज आती थी तभी से हमने यह तर्पण और पिंडदान का कार्य संभाला। उस समय सुनील करैया (कल्लू भैया), विजय चौकसे, श्री कृष्ण यादव शहर के व्यापारी समाजसेवी गणमान्य नागरिक हमारे साथी चक्रेश जैन हमारे साथ बड़ी मेहनत और लगन से लगे रहते थे। तभी से हमने तर्पण कर पिंडदान का यह कार्य शुरू किया जो बढ़ चढ़कर आज एक बड़ा रूप ले चुका है। शहर के गणमान्य नागरिक समाजसेवी पत्रकार साथी व्यापारी संघ संयुक्त रूप से तर्पण पिंडदान कार्य को बढ़ाते आए हैं। हम उन सभी अतृप्त आत्माओं की शांति के लिए पिंडदान करते हैं, जो अकाल मृत्यु का शिकार हुए किसी दुर्घटना में जिनकी मृत्यु हुई जिनके परिवार में तर्पण करने वाला कोई नहीं है और जिनका आज तक कुछ पता ही नहीं चला। हमारे भारत के ज्ञात, अज्ञात, अमर शहीद क्रांतिकारी जन योद्धाओं का भी हम तर्पण करते हैं। जिन्होंने देश की आजादी के लिए देश की रक्षा के लिए सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन सभी अज्ञात ज्ञात जिनका तर्पण करने वाला कोई ना हो उन सभी आत्माओं की शांति कर दर्पण पिंडदान करते हैं। जिसमें स्वल्पाहार से लेकर मिठाई, प्रसाद, दूध, फूल माला, कुश, तिल, जो, चंदन, गुलाल, फल फ्रूट सभी सामग्रियों से पूरे विधि विधान के साथ पंडितों के मंत्र उच्चारणों के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया गया। जिसमें वरिष्ठ व्यापारी संघ के मनोहर बढ़ानी, बबलू राठौर, नगर के वरिष्ठ समाज सेवी अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार गौर कक्का सहित कई लोग सम्मिलित हुए।

