
नर्मदापुरम / कलेक्टर को दिए पत्र में उल्लेख किया कि हम ग्राम नानपा, कुल्हड़ा, टिगरिया एवं आसपास के समस्त क्षेत्रवासी अत्यंत पीड़ा और क्षोभ के साथ आपको अवगत कराना चाहते हैं कि हमारे ग्रामीण अंचल की बुनियादी आवागमन व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। बार-बार प्रशासनिक स्तर पर गुहार लगाने के बावजूद जब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तब विवश होकर ग्रामीणों को लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण धरने पर बैठना पड़ा।
धरने के दो दिन पूर्ण होने के उपरांत, आज तीसरे दिन सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण ग्राम नानपा से पैदल मार्च (पदयात्रा) करते हुए जिला मुख्यालय नर्मदापुरम आपके समक्ष उपस्थित हुए हैं।
हमारी प्रमुख मांगें निम्नानुसार हैं….
प्रमुख मांगें….
नानपा से कुल्हाड़ा मार्ग (लंबाई लगभग 4 किमी):
इस मुख्य संपर्क मार्ग पर बने जानलेवा गड्डों और कीचड़ के कारण स्कूली बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों व किसानों का आवागमन बाधित है।
इस 4 किमी मार्ग को त्वरित वित्तीय एवं तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर पक्की 6 मीटर चौड़ी सीसी सड़क निर्माण की समय-सीमा तय की जाए।
जब तक मुख्य निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, तात्कालिक रूप से इसे आवागमन योग्य बनाया जाए।
नानपा से टिगरिया स्वीकृत मार्ग का अविलंब निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाए।
कार्य प्रारंभ करने और पूर्ण करने की लिखित समय-सीमा ग्रामीणों के समक्ष सार्वजनिक की जाए।
जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही….
दोनों मार्गों हेतु संबंधित कार्यपालन यंत्री (PWD / MPRRDA / RES) को नोडल अधिकारी नियुक्त कर साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट
सार्वजनिक की जाए…
अंतिम निवेदन….
सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास और आमजन के जीवन की बुनियादी जरूरत है। यदि प्रशासन द्वारा उपरोक्त दोनों मांगों पर स्पष्ट, संतोषजनक एवं लिखित आश्वासन /आदेश जारी नहीं किया जाता है, तो समस्त ग्रामीण कलेक्ट्रेट परिसर के समक्ष अनिश्चितकालीन महापड़ाव एवं व्यापक जन-आंदोलन के लिए विवश होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

