


नर्मदापुरम / सतपुडा टाइगर रिजर्व अंतर्गत मढ़ई एवं बागड़ा बफर में पर्यटन गतिविधियों से जुड़े गाइडों के ज्ञान, कौशल एवं दक्षता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से दिनांक 09 एवं 10 सितम्बर 2026 को मढ़ई में दो दिवसीय “गाइड रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम” आयोजित किया गया। जिसमें कुल 73 गाइडों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन क्षेत्र संचालक, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, श्रीमती राखी नन्दा द्वारा किया गया। उन्होंने गाइडों को संबोधित करते हुए गाइडिंग एथिक्स, प्रभावी गाइडिंग तकनीक, प्रोफेशनल गाइड की भूमिका एवं वृक्षों के रहस्यमयी जीवन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पर्यटकों के प्रति शिष्ट एवं संवेदनशील व्यवहार, अनुशासन, वन्यजीवों के प्रति जिम्मेदार आचरण तथा तथ्यपरक एवं प्रभावी प्रकृति व्याख्या पर विशेष जोर देते हुए गाइडों को “सतपुड़ा के प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक वैभव के जिम्मेदार प्रतिनिधि” के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।दो दिवसीय प्रशिक्षण में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व का परिदृश्य एवं संरक्षण इतिहास, वनस्पति एवं घासों की पहचान, स्तनधारी एवं पक्षी विविधता, टाइगर इकोलॉजी, तितली एवं मॉथ, ड्रैगनफ्लाई एवं डैमसेलफ्लाई, गाइड ड्राइवर समन्वय, ग्रूमिंग, हाइजीन, संचार कौशल एवं गाइडिंग तकनीक जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रातः फील्ड विजिट के माध्यम से ट्रैक एवं साइन, बर्ड कॉल, वृक्ष पहचान, प्रकृति व्याख्या तथा नैतिक वन्यजीव अवलोकन का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही पर्यटक सुरक्षा, आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार, मॉक इंटरप्रिटेशन, मूल्यांकन एवं फीडबैक को भी प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गाइडों को केवल वन्यजीव दर्शन कराने वाले सहयोगी के रूप में नहीं, बल्कि सतपुड़ा की जैव विविधता, संरक्षण मूल्यों एवं जिम्मेदार पर्यटन के प्रभावी संवाहक और प्रकृति दूत के रूप में सशक्त बनाना रहा, ताकि पर्यटकों को सुरक्षित, ज्ञानवर्धक, संवेदनशील एवं उच्च गुणवत्ता का वन्यजीव पर्यटन अनुभव प्रदान किया जा सके।

