विधायक डॉक्टर सीताशरण शर्मा सहित पहुंचे विशिष्ट जन
दशहरा मैदान में गूंज उठा जय जय श्री राम
पंडालों पर चले कन्या भोज, भंडारे
चला मां दुर्गा और मां काली विसर्जन का सिलसिला
जगह-जगह हुई शस्त्र पूजन
दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदा पुरम।
शहर में विजयदशमी पर्व हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इसके साथ ही देवी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। साथ ही अनेक जगह शस्त्र पूजा के आयोजन भी हुए । वहीं दुर्गा और मां काली पंडालों में भंडारे और कन्या भोज भी किए गए । दशहरा मैदान पर श्री रामलीला महोत्सव के चलते भगवान श्री राम ने रावण का वध किया और सत्य की असत्य पर विजय हुई और परिसर में जय जय श्री राम के नारे गूंज उठे। दशहरा मैदान में 40 फिट के रावण विशाल पुतला दहन किया गया। इस दौरान म प्र विधानसभा पूर्व अध्यक्ष एवं विधायक डॉ सीतासरण शर्मा, कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना, पुलिस अधीक्षक श्री साईं कृष्ण एस थोटा, रामलीला समिति के अध्यक्ष पं गिरिजाशंकर शर्मा, पं भवानी शंकर शर्मा ,नपा अध्यक्ष श्रीमती नीतू यादव, रेडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन अरुण शर्मा , मेला प्रबंधक वैभव शर्मा , रामलीला समिति सचिव योगेश्वर तिवारी , संयोजक प्रशांत दुबे, मुन्नू भैया , अधिवक्ता अजय प्रकाश श्रीवास्तव , द्वारका प्रसाद वर्मा आदि उपस्थित रहे। जैसे ही भगवान श्रीराम ने लंका विजय कर रावण का वध किया, वैसे ही पुतले में आग लगते ही वातावरण जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। विभिन्न मंचों पर हुई रामलीलाओं में रामभक्ति और मर्यादा पुरुषोत्तम की गाथा का जीवंत मंचन हुआ। बुराई का प्रतीक दशानन धू-धू कर जला। इस दौरान आकर्षक आतिशबाजी हुई । रामलीला महोत्सव समिति द्वारा दशहरा मैदान में भगवान श्री राम की आरती की गई। वहीं दशहरा मैदान पर भजन संध्या देवी जागरण का आयोजन किया गया। शहर भर में नवरात्रि के चलते अनेक पंडालों में कन्या पूजन भी हुए और भंडारे का आयोजन किया गया। दशहरा मैदान पर लोगों ने रेवड़ी खरीद कर ले और प्रसाद बांटा।
परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है दशहरा- कलेक्टर सोनिया मीना
दशहरा मैदान में रावण के पुतला दहन कार्यक्रम में कलेक्टर सोनिया मीना भी शामिल हुईं । इस दौरान उन्होंने कहा कि यह पर्व परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है। कलेक्टर ने कहा कि विजयदशमी का पर्व असत्य पर सत्य, अन्याय पर न्याय तथा बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें जीवन में सदैव धर्म, सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
अखाड़े ने दिखाए करतब, चला देवी प्रतिमाओं के विसर्जन का दौर
दशहरे पर मां काली और दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का दौर भी शुरू हो गया था। वहीं शहर भर से आए अखाड़े ने भी अपने करतब दिखाएं। दशहरा मैदान में प्रतिमाओं का पहुंचना शुरू हो गया था और इसके बाद विसर्जन का कार्यक्रम चले। घाटों और विसर्जन कुंडों पर देवी विसर्जन कार्यक्रम होते रहे।
मंदिरों, घरों और अखाड़े में शस्त्र पूजन
विजयदशमी के पावन पर्व पर गुरुवार को शहर भर में पारंपरिक शस्त्र पूजन हुआ। सुबह से ही मंदिरों, अखाड़ों और विभिन्न संस्थाओं में शस्त्रों को सजाया गया और विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा वीरता और शक्ति के प्रतीक रूप में मानी जाती है। प्रमुख दुर्गा पंडालों में विशेष कार्यक्रम हुए। विभिन्न समाज संगठनों, मार्शल आर्ट्स संस्थानों, व्यायामशालाओं और आरएसएस शाखाओं में भी शस्त्र पूजन के आयोजन किए गए। शहर के अखाड़ों में युवाओं ने शस्त्र प्रदर्शन कर परंपरा को जीवित रखा। वहीं कई दुर्गा समितियों ने देवी प्रतिमा के सामने शस्त्र पूजन कर विजयादशमी का पर्व मनाया। दशहरे के अवसर पर मंदिरों और घरों में शस्त्र पूजन की गई । लोगों ने अपने वाहन की धुलाई कर उनकी पूजा पाठ की और माला पहनकर उनकी आरती उतारी। इसके साथ ही विभिन्न समितियों , संस्थाओं और श्री बजरंग व्यायाम शालाओं में भी शस्त्र पूजन के आयोजन किए गए।

