
नर्मदापुरम / भारत विकास परिषद, नर्मदापुरम शाखा, जिला नर्मदापुरम, मध्य भारत दक्षिण प्रांत द्वारा सेवा, संस्कार, सामाजिक सरोकार एवं सम्मान की अपनी सतत परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों के सम्मान का भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन शासकीय प्राथमिक शाला, कमिश्नर कॉलोनी, नर्मदापुरम में किया गया, जिसमें शहर के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों को आमंत्रित कर उनका आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। परिषद के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया।
इस अवसर पर परिषद की प्रांत महिला संयोजक श्रीमती वंदना शर्मा, सुभाष बरेले, राकेश चौहान, सचिव नलिन पटेल सहित अन्य सदस्यों ने शिक्षकों का तिलक, पुष्पमाला एवं सम्मान के साथ अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में शासकीय माध्यमिक शाला मालाखेड़ी से श्रीमती पूर्णिमा शर्मा, श्री एन.पी. बरेले, श्रीमती सीमा शर्मा, श्रीमती राजेश्वरी मालवीय एवं श्रीमती अनीता अवस्थी; शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नर्मदापुरम से डॉ. भारती मिश्रा एवं हरिशंकर बरगले तथा शासकीय प्राथमिक शाला, कमिश्नर कॉलोनी से श्रीमती रत्ना बरेले रूपसिंह सोलंकी उपस्थित रहे।
इसी क्रम में परिषद के योग आयाम समिति के योगाचार्य गुरु राकेश चौहान का भी तिलक, पुष्पमाला, पूजन एवं आरती कर श्रद्धापूर्वक सम्मान किया गया। वातावरण में गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
इस अवसर पर परिषद की प्रात महिला संयोजक श्रीमती वंदना शर्मा ने कहा कि शिक्षक समाज के ऐसे शिल्पकार हैं, जो अपने ज्ञान, संस्कार और समर्पण से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का निर्माण करते हुए राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं। उनका सम्मान वास्तव में ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की उस महान परंपरा का सम्मान है, जिसके कारण समाज निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर होता है।
सम्मान से अभिभूत शिक्षकों ने भारत विकास परिषद के इस आत्मीय एवं गरिमामय आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि समाज में शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव जागृत करने वाले ऐसे आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए। उन्होंने परिषद के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के लिए साधुवाद दिया।

