नर्मदापुरम / मासपारायण समिति के द्वारा सेठानीघाट के नर्मदा सत्संग भवन में विगत दिनों से श्रावण मास पर्यन्त श्रीरामचरितमानस के 30 मासपारायणों में से प्रतिदिन एक मासपारायण का पाठ निरंतर हो रहा है जो कि आगामी श्रावण पूर्णिमा तक चलेगा । इस कार्यक्रम में पं. राम परसाई एवं पं. सुनील चौरे द्वारा श्रीरामचारतमानस की चौपाइयों एवं दोहों की संगीतमय रूप से प्रस्तुति दी जाती है और सभी श्रद्धालु सामुहिक सम्वेद स्वरों में पाठ करते हैं । इस आयोजन का यह 18 वां वर्ष है । आयोजन में श्रावण शुक्ल सप्तमी को श्रीरामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास की जयंती मनाई गई इस अवसर पर डॉ. वैभव शर्मा ने वक्तव्य में कहा कि सही गुरु सर्वत्र व्यापी ब्रह्म का बोध कराते हैं। हिंदू धर्म में सर्वाधिक सुलभ और सहज ग्रंथ जो बच्चों को भगवान से जोड़ता है ऐसे हनुमान चालीसा से लेकर गांव गांव गली गली में रामायण पाठ होने वाले श्री रामचरितमानस के रचयिता तुलसीदास ने एक बहुत ही कठिन काल में धार्मिक ग्रंथो की रचना की, जो सहज सरल सुगम हिंदी व अवधी भाषा में थे । उन्होंने जन जन तक श्री राम के चरित्र और जीवन के अनेक सिद्धांत और धर्म के मूल सिद्धांत प्रतिपादित किया। तुलसीदास ने श्री रामचरितमानस की रचना चौपाइयां छंद में कर एक सटीक गाने योग्य काव्य लिखा जिसे अनेक रागों में सरलता से भजन मंडलियों और भक्तों द्वारा गया जाता है। इस वजह से श्री रामचरितमानस है कि अलोकिक ग्रंथ है।
तुलसी जयंती कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पं. भवानीशंकर शर्मा, पूर्व विधायक पं. गिरिजा शंकर शर्मा, अरुण शर्मा, योगेश्वर तिवारी, एन पी शर्मा, एच के यादव, अजय सैनी, अखिलेश दुबे, प्रमोद दुबे, संजय राय बल्ला, विकास अत्रि, सत्यम अदलिया, बी व्ही राय, गोविंद राय सहित सभी श्रद्धालु उपस्थित थे।

