


नर्मदापुरम / शिक्षकों ने कलेक्टर नर्मदापुरम् के नाम एक ज्ञापन सौंपा जिसमें उल्लेख किया कि देशभर में वर्षों से सेवा दे रहे लाखो शिक्षको के समक्ष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के कारण गंभीर असंमजस एवं सेवा संबंधी चिंता उत्पन्न हो गई है।
सेवारत शिक्षकों ने अपनी नियुक्ति के समय लागू नियमों के अनुसार चयनित होकर वर्षों तक देश की शिक्षा व्यवस्था में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे है। ऐसे में उनकी पुर्ण सेवा एवं अर्जित सेवा अधिकारों को प्रभावित करने वाली (टीईटी) की अनिवार्यता शिक्षको को प्रभावित करने के लिए अत्यंत गंभीर विषय बन गई है।
अतः अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा, मध्यप्रदेश की ओर से प्रधानमंत्री के समक्ष हमारी मांग है-
सेवारत शिक्षकों पर (टीईटी) की अनिवार्यता को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा तत्काल अध्यादेश लाकर आवश्यक वैधानिक संशोधन किया जाए तथा वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को (टीईटी) की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त किया जाए एवं पुरानी पेंशन लागु की जाय।
यह विषय केवल परीक्षा का नहीं, बल्कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों की नौकरी की सुरक्षा, सम्मान एवं भविष्य से जुड़ा हुआ है। अतः देशभर के सेवारत शिक्षकों की परिस्थितियों एवं सरकार तत्काल सकारात्मक निर्णय ले। हमे विश्वास है कि आपकी सरकार सेवारत शिक्षकों की इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान करते हुए अध्यादेश के माध्यम से (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करने की दिशा में शीघ्र आवश्यक कदम उठाएगी।

