

नर्मदापुरम / ज़िले के ग्राम रंढाल में एक 81 वर्षीय असहाय और निःसंतान वृद्ध की कृषि भूमि पर अवैध कब्ज़ा करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित वृद्ध श्यामलाल (पिता स्व. टीकाराम) निवासी ग्वालटोली नर्मदापुरम ने ज़िला कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाते हुए अपनी ज़मीन को कब्ज़ामुक्त कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला ?….
पीड़ित श्यामलाल के अनुसार, ग्राम रंढाल (पटवारी हल्का नंबर में उनकी स्वामित्व वाली कृषि भूमि खसरा नंबर 254/4/2 (रकबा 0.202 हेक्टेयर) स्थित है। पीड़ित का आरोप है कि दबंग ग्राम पंचायत सचिव दिनेश मीना (पिता भगवानदास मीना), वैजन्ती वर्मा और घनश्याम वर्मा द्वारा अवैध रूप से उनकी ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया गया है और उन्हें खेती करने से रोका जा रहा है।
जान से मारने की धमकी और शासकीय तंत्र का खौफ…..
81 वर्षीय वृद्ध ने आवेदन में बताया कि जब उन्होंने अपनी ज़मीन पर खेती करने से मना किया, तो आरोपी सचिव दिनेश मीना ने उन्हें जान से मारने और खेत में ही गाड़ देने की धमकी दी। पीड़ित का कहना है कि आरोपी अपने शासकीय पद का रौब दिखाते हुए कहता है कि”प्रशासन मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” वृद्ध शारीरिक रूप से अशक्त हैं, उनकी कोई संतान नहीं है और उनके भतीजे छगनलाल वर्मा ही वर्तमान में उनका भरण-पोषण कर रहे हैं।
शपथ पत्र के बाद भी नहीं छोड़ा कब्ज़ा मामले में चौंकाने वाला तथ्य यह है कि प्रकरण क्रमांक 0026/अ-121/2024-25 के तहत आरोपी बैजन्ती बाई वर्मा ने 4 अक्टूबर 2024 को लिखित जवाब एवं शपथ पत्र देकर अवैध कब्ज़ा छोड़ने की बात स्वीकार की थी। इसके बावजूद आज तक ज़मीन को मुक्त नहीं कराया गया।
पेंशन और सम्मान निधि भी बंद, दाने-दाने को मोहताज…..
ज़मीन छिन जाने के कारण पीड़ित वृद्ध के सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है। इसके साथ ही उनकी वृद्धावस्था पेंशन और किसान सम्मान निधि भी बंद हो चुकी है, जिससे वे बदहाली की ज़िंदगी जीने को मजबूर हैं। पूर्व में तहसीलदार और पटवारी से शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
पीड़ित की मांग पीड़ित श्यामलाल ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि: खसरा नंबर 254/4/2 का तत्काल सीमांकन (Demarcation) कराया जाए। दबंगों के कब्ज़े से भूमि को मुक्त कराकर उन्हें सौंपी जाए। पद का दुरुपयोग करने वाले पंचायत सचिव व अन्य दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

