
नर्मदापुरम / शहर को सुंदर और व्यवस्थित बनाने का दावा करने वाली नर्मदापुरम नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नेहरू पार्क से लेकर वीआईपी कलेक्टर रोड तक अवैध अतिक्रमण का जाल इस कदर फैल चुका है कि हर शाम शहर की रफ्तार पर ब्रेक लग जाता है। लेकिन इस पूरी अव्यवस्था के पीछे सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि ‘अवैध वसूली’ का एक बड़ा खेल सामने आया है। दोपहर ढलते ही वीआईपी रोड की सूरत बदल जाती है। नेहरू पार्क से कलेक्टर कार्यालय को जोड़ने वाली सड़क, जो कि शहर के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील मार्गों में से एक है, शाम होते ही अवैध ठेलों और दुकानों की मंडी में तब्दील हो जाती है। जिम्मेदार अधिकारियों की नाक के नीचे दोपहर और शाम को जानबूझकर ठेले लगवाए जा रहे हैं, जिससे आम जनता को रोजाना भीषण ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता है।
मीनाक्षी चौक पर अवैध टपरे और हफ्ता वसूली का खुला खेल…
सबसे चौंकाने वाला खुलासा मीनाक्षी चौक को लेकर हुआ है। यहां कुछ स्थानीय दबंगों और असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध रूप से टपरे अस्थाई दुकानें रखवा दिए गए हैं। आरोप है कि इन अवैध टपरों की आड़ में दुकानदारों से खुलेआम अवैध वसूली हफ्ता की जा रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस पूरे गोरखधंधे में मीनाक्षी चौक के ही कुछ स्थानीय लोग शामिल हैं, जिन्हें नगर पालिका के निचले अमले का मौन संरक्षण प्राप्त है।
बड़े सवाल: जवाब दे नगर पालिका प्रशासन…
कौन दे रहा अतिक्रमण की छूट….
वीआईपी मूवमेंट वाले मार्ग पर रोजाना अतिक्रमण की छूट किसके इशारे पर दी जा रही है। मीनाक्षी चौक पर अवैध वसूली करने वाले गिरोह पर अब तक पुलिस और नगर पालिका ने केस दर्ज क्यों नहीं की। क्या नगर पालिका का अतिक्रमण विरोधी दस्ता सिर्फ कागजों पर ही कार्रवाई कर रहा है? नगर पालिका की इस चुप्पी से आक्रोशित नागरिकों ने अब कलेक्टर और जिला प्रशासन से सीधे हस्तक्षेप की मांग की है। रहवासियों का कहना है कि मीनाक्षी चौक से अवैध टपरे तुरंत हटाए जाएं, अवैध वसूली करने वाले गिरोह को चिह्नित कर जेल भेजा जाए और नेहरू पार्क-कलेक्टर रोड को पूर्णतः ‘नो-अतिक्रमण ज़ोन’ घोषित किया जाए।

