दयाराम फौजदार रिपोर्टर राज एक्सप्रेस नर्मदापुरम।
जैन धर्म के महान तपस्वी, संयम, सत्य, अहिंसा और करुणा के साक्षात प्रतीक, परम पूज्य विद्या शिरोमणि आचार्य श्री 108 समय सागर जी महाराज, जो आचार्य भगवन् श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के विद्या शिरोमणि शिष्य हैं, अपने 20 पिच्छी मुनिराजों के विशाल आचार्य संघ के साथ धर्मनगरी नर्मदापुरम में कल प्रातः मंगल प्रवेश करेंगे। आचार्य श्री का नागपुर से भोपाल की ओर निरंतर मंगल विहार जारी है और इसी क्रम में उनका नर्मदापुरम आगमन संपूर्ण नगर एवं सकल जैन समाज के लिए अत्यंत सौभाग्य, गौरव एवं ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है। आचार्य श्री का पावन आगमन केवल जैन समाज के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा, आत्मकल्याण और लोकमंगल का संदेश लेकर आ रहा है। उनके मंगलमय चरणों से नर्मदापुरम की पुण्य धरा पावन होगी तथा उनके दिव्य आशीर्वाद से धर्म, अध्यात्म, सदाचार एवं जनकल्याण का मार्ग और अधिक प्रशस्त होगा। सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष संतोष जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि आचार्य संघ का कल प्रातः 8:00 बजे डबल फाटक, इटारसी रोड पर भव्य एवं ऐतिहासिक स्वागत किया जाएगा। इसके उपरांत नगर प्रवेश यात्रा प्रारंभ होगी, जो प्रमुख मार्गों से होती हुई बड़े दिगंबर जैन मंदिर, मंगलवारा पहुंचेगी। मंदिर परिसर में आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन, भक्तिभाव से पूजन-अर्चन एवं उसके पश्चात उनकी दिव्य अमृतवाणी का मंगल प्रवचन आयोजित होगा, जिसका लाभ हजारों श्रद्धालु प्राप्त करेंगे।
इसके पश्चात आचार्य श्री प्राचीन पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से पड़गाहन ग्रहण करेंगे तथा विधिपूर्वक आहार चर्या संपन्न होगी।
नगर प्रवेश यात्रा में नगर के जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी, व्यापारी वर्ग, सकल जैन समाज के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य, विद्यासागर पाठशाला के छात्र-छात्राएँ, विभिन्न जैन महिला मंडल, युवा संगठन तथा नगर के अनेक सामाजिक एवं हिन्दू संगठन श्रद्धापूर्वक सम्मिलित होकर आचार्य श्री की अगवानी करेंगे।

