
नर्मदापुरम / इटारसी / रेलवे स्टेशन मार्ग निर्माण कार्य बंद होने और छह माह से अधूरी पड़ी सड़क को लेकर रविवार को इटारसी में जनाक्रोश फूट पड़ा। कांग्रेस सेवादल यंग ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष गजानंद (गज्जू) तिवारी के नेतृत्व में कंचन होटल तिराहे पर धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम किया गया। प्रदर्शन के दौरान गज्जू तिवारी कीचड़ भरी सड़क पर लगभग ढाई घंटे लेटे रहे, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रेलवे प्रशासन और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि स्टेशन मार्ग की बदहाली से आम नागरिक, व्यापारी, विद्यार्थी और यात्री महीनों से परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है।
“जनता की लड़ाई है, पीछे नहीं हटेंगे” – गज्जू तिवारी….
धरने को सड़क पर कीचड़ में लेटे-लेटे संबोधित करते हुए गज्जू तिवारी ने कहा कि इटारसी देश का प्रमुख रेलवे जंक्शन है, लेकिन स्टेशन पहुंचने का मुख्य मार्ग ही बदहाल पड़ा है। बरसात शुरू हो चुकी है और सड़क निर्माण कार्य बंद होने से लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि चार दिन के भीतर सड़क निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हुआ तो अगला आंदोलन रेलवे पटरी पर होगा। जनता की समस्या के समाधान के लिए किसी भी हद तक जाएंगे।”
जलभराव का भी उठाया मुद्दा
कांग्रेस नेताओं ने यार्ड क्षेत्र में नई रेलवे लाइन निर्माण के कारण कॉलोनियों में संभावित जलभराव की समस्या भी उठाई। उन्होंने कहा कि यदि जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
चक्का जाम हुआ भाषण में सभी ने भाजपा सरकार को घेरा…..
अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई मंच के माध्यम से और साथ ही जब चक्का जाम के बाद अल्टीमेटम दिया गया कि अब आधे घंटे बाद हम पटरी पर आंदोलन करने जाएंगे तो..
प्रशासन पहुंचा मौके पर….
धरने की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी, तहसीलदार, सिटी थाना, जीआरपी और आरपीएफ के थाना प्रभारी अपने पूरे दलबल के साथ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कांग्रेस नेता धरना किंग गज्जू तिवारी से चर्चा कर तीन से चार दिन के भीतर निर्माण कार्य पुनः शुरू कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता….
प्रदर्शन में चंद्रगोपाल मलैया, राममोहन मलैया, अमित गुप्ता, नीलम गांधी, मयूर जायसवाल, दिलीप गोस्वामी, पंकज राठौर, सीमा भदौरिया, नेहा चावरे, सुशील बस्तरवार, धर्मेंद्र मालवीय, नारायण गौर, अभय दुबे, संचित पटेल, कमल दरड़ा, रमजान भाई, चुन्ना पटेल, अमल सरकार, भरत सिंह राजपूत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
नारा बना चर्चा का विषय…..
“सड़क दो या संघर्ष लो, जनता अब चुप नहीं बैठेगी!”
“चार दिन में काम शुरू करो, नहीं तो पटरी पर होगा जनसंग्राम!”

