
नर्मदापुरम / रामकथा वर्तमान समय में परिवार और समाज में व्याप्त सभी समस्याओं का समाधान का मार्ग हमें दिखाती है। आवश्यकता हमें उस दृष्टि से देखने और समझने की है। यह बात रविवार को ग्राम डोंगरवाड़ा स्थित जगन्नाथ मंदिर में पुरुषोत्तम माह के अवसर पर आयोजित प्रवचन माला के दौरान कही। इस अवसर पर भोपाल से पधारे आचार्य धर्मेंद्र शास्त्री ने भगवान जगन्नाथ के प्रकट होने की कथा विस्तार से सुनाई।
पं. शर्मा ने भगवान राम के चरित्र को वर्तमान संदर्भों से जोड़ते हुए कहा कि वर्तमान समय में परिवार, समाज और राष्ट्र में कई प्रकार की समस्याएं व्याप्त हैं। इस सभी समस्याओं का समाधान हमें रामकथा देती है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी के बच्चे अपने माता पिता की आज्ञा का पालन नहीं करते। जीवन में तनिक सी परेशानी या संकट आने पर वे विचलित हो जाते हैं। परिवार में कलह का वातावरण बना रहता है। रामकथा हमें सिखाती है कि हमारा व्यक्तिगत जीवन और सामाजिक जीवन कैसा होना चाहिए। जीवन में कठिन परिस्थिति आने पर घबराने या गलत मार्ग अपनाने की बजाय हमें धीरज और संयम से काम लेना चाहिए, यही संदेश तो भगवान राम का चरित्र हमें देता है।
उन्होंने कहा कि राम केवल हमारी आस्था का प्रतीक भर नहीं हैं। वे हमारी चेतना और प्रेरणा के केंद्र बिंदु भी हैं। हमारा देश और समाज राम के चरित्र से अनुप्राणित होता है। वर्तमान समय में राम के चरित्र ही हमें सभी प्रकार की समस्याओं से मुक्ति दिला सकता है।
द्रवित होकर प्रकट हुए जगन्नाथ….
आचार्य धर्मेंद्र शास्त्री के भगवान जगन्नाथ चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि एक बार भगवान की बाल लीलाओं की कथा सुन रही थी। इस दौरान द्वार पर सुभद्रा पहरा दे रही थी। इसी दौरान जन भगवान कृष्ण और भैया बलदाऊ वहां पहुंचे तो सुभद्रा जी ने उन्हें रोक दिया। भगवान की लीलाओं का वर्णन सुनकर प्रेम के वशीभूत होकर भगवान द्रवित हो गए। वही उनका जगन्नाथ रूप हुआ। आचार्य शास्त्री के गीत गोविंद सुनकर सभी का मन मोह लिया।

