नर्मदापुरम / अखिल विश्व गायत्री परिवार के मध्यप्रदेश जोन के नर्मदापुरम जिले की शताब्दी संकल्प समीक्षा कार्यशाला दिनांक 14 जून 2026 (रविवार) को गायत्री शक्तिपीठ नर्मदापुरम के सभागार में आयोजित की गई।
जोनल सह समन्वयक रामचंद्र गायकवाड की अध्यक्षता और शक्तिपीठ प्रकोष्ठ प्रभारी राकेश कुमार गुप्ता, भोपाल उप जोन समन्वयक रघुनाथ प्रसाद हजारी, सुरेश श्रीवास्तव उप जोन सह समन्वयक (रिकॉर्ड), श्रीमती आशा पाठक एवं जिला समन्वयक अनुराग मिश्रा की उपस्थिति में एक दिवसीय कार्यशाला में नर्मदापुरम जिला प्रभारी शिवराम रायखेड़े और श्याम शर्मा भी उपस्थित रहे।
जिला समन्वय समिति नर्मदापुरम और जिले की आठों तहसील समन्वयक समिति के सदस्यों के लिए आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ देवपूजन और अतिथि सत्कार से हुआ।
परिचयात्मक उद्बोधन में रामचंद्र गायकवाड ने गायत्री परिवार का आधार कार्यकर्ता, संगठन और कार्यक्रम की भूमिका विषय पर विस्तार से अपने अपने विचार रखे।
शताब्दी संकल्प अनुयाज समीक्षा विषय पर बोलते हुए उप जोन समन्वयक रघुनाथ प्रसाद हजारी ने संगठन के विभिन्न स्तर जैसे उप जोन, जिला, तहसील आदि में शांतिकुंज द्वारा निर्धारित व्यवस्था का पालन करते हुए कार्यकताओं को उनके दायित्व के साथ बिना किसी संकीर्णता और अहंकार के मिशन का कार्य करने हेतु आह्वान किया ।
रविवार को हुई इस कार्यशाला के लिए निर्धारित कार्यक्रम के एक विषय युग संधि की विशिष्ट वेला में दायित्व बोध एवं आत्म समीक्षा पर उप जोन सह समन्वयक (रिकॉर्ड) सुरेश श्रीवास्तव ने गायत्री मिशन के विभिन्न कार्यक्रमों को प्रदर्शित करने वाले 81 बिंदुओं की रिपोर्टिंग करते समय पदाधिकारी गणों से गुरुदेव की शबरी और पूर्णिमा पंवार बहन का उदाहरण देते हुए दायित्व बोध एवं आत्म समीक्षा करने हेतु प्रेरित किया गया।
युग निर्माण के लिए नारी जागरण अभियान को व्यापक बनाना क्यों आवश्यक है? विषय पर कार्यशाला को संबोधित करते हुए उप जोन भोपाल से उपस्थित श्रीमती आशा पाठक दीदी ने नारी को सृजनकर्ता और जन्मदात्री संबोधित करते हुए रत्नावली, रानी मदालसा, रानी अहिल्या बाई होल्कर आदि का उदाहरण देते हुए युग निर्माण में उनके योगदान और उनके महत्व पर विस्तार से जानकारी प्रदान की।
कार्यशाला के प्रमुख विषय स्वावलंबन के लिए जैविक कृषि एक सशक्त और बहु उपयोगी माध्यम पर कृषि के लिए सर्वश्रेष्ठ भूमि और वातावरण से युक्त नर्मदापुरम जिले में पारंपरिक कृषि के साथ आधुनिक तकनीकी और जरूरतों के लिए कृषि में नवान्वेषण को रेखांकित करते हुए 3500 से अधिक महिलाओं को स्वावलंबन के लिए प्रशिक्षित कर चुके गायत्री परिवार इटारसी के मुख्य ट्रस्टी और जैविक खेती को बढ़ावा देने वाले गायत्री परिजन शरद वर्मा ने कार्यशील को संबोधित किया।
मध्य प्रदेश जोन के शक्तिपीठ प्रकोष्ठ प्रभारी राकेश कुमार गुप्ता द्वारा कैसे हो हमारे प्रज्ञा संस्थान वित्त प्रबंधन एवं कार्यकर्ता प्रशिक्षण की आवश्यकता* विषय पर कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रज्ञा संस्थाओं एवं गायत्री परिवार के विभिन्न ट्रस्टों में वित्त प्रबंधन को अनिवार्य अनुशासन रेखांकित करते हुए किसी भी मिशन की प्रामाणिकता की कसौटी वित्त प्रबंधन में सुचिता को प्रदर्शित करने हेतु निर्देशित किया।
साथ ही उनके द्वारा शांतिकुंज द्वारा निर्धारित वित्त प्रबंधन अनुशासन की अनिवार्य रूप से पालन करने का निर्देश भी दिया गया।
भोजनावकाश के उपरांत दूसरे सत्र में हमारे शताब्दी संकल्प अभियानों के संचालन की रूपरेखा विषय पर सुरेश श्रीवास्तव द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई।
व्यक्तिगत अभिव्यक्ति के माध्यम से जिला समन्वय समिति के सदस्य यू के सिंह, ओ पी गौर, ब्रजेश पटेल, सी एम गौर द्वारा उनकी समितियों के लक्ष्य और लक्ष्य प्राप्ति की जानकारी दी गई ।
तहसील समन्वयक इटारसी के के पाटीदार ने इटारसी तहसील की विशिष्ट उपलब्धि की जानकारी प्रदान की।
जिला समन्वयक अनुराग मिश्रा द्वारा जिला समन्वय समिति नर्मदापुरम के अभी तक के लिए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रत्येक बैठक या कार्यशाला में शत प्रतिशत उपस्थित पर जोर देते हुए मिशन के अनुशासन को मानते हुए लक्ष्य प्राप्ति हेतु प्रेरित किया गया।
कार्यशाला में सुरेश चंद सराठे, शिवकुमार विश्वकर्मा, तुलसीराम बावरिया, संतोष यादव, संध्या केशव मांगरोल, अनीता जाट, सोनू राजपूत, कृष्ण कुमार उपाध्याय, रामकुमार गौर, राम मोहन परसाई, लखन पटेल, राजेश चौरे घनश्याम यादव, ज्योति बड़ोदिया इटारसी से हेमंत गौर, मनमोहन रघुवंशी, रामविलास मालवीय सिवनी मालवा से अनंत श्रीवास्तव माखन नगर, प्रतिभा साहू, मेघराज पटेल बनखेड़ी सहित जिले एवं उपजोन के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने भी सहभागिता की
कार्यशाला के अंत में आभार प्रदर्शन सुरेश कुमार कोरडे जिला सह समन्वयक (रिकॉर्ड) द्वारा किया गया।
कार्यशाला के कार्यक्रम का संचालन सुरेश श्रीवास्तव उप जोन सह समन्वयक रिकॉर्ड ने किया ।

