
नर्मदापुरम / मां नर्मदा के पावन तटों को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के संकल्प के साथ अखिल भारतीय कायस्थ समाज ने रविवार को स्थानीय चित्रगुप्त घाट पर एक वृहद स्वच्छता अभियान चलाया। शनिवार रात क्षेत्र में हुई भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान के कारण घाट के फर्श और किनारों पर भारी मात्रा में कचरा व गंदगी जमा हो गई थी, जिसे समाज के सदस्यों ने श्रमदान कर पूरी तरह साफ किया मातृशक्ति ने उठाई झाड़ू, पुरुषों ने दिया बराबर का साथ रविवार सुबह कायस्थ समाज के सदस्य बड़ी संख्या में चित्रगुप्त घाट पर एकत्रित हुए। सदस्यों ने न केवल झाड़ू लगाकर पूरे घाट से सूखा और गीला कचरा इकट्ठा किया, बल्कि उसे व्यवस्थित तरीके से डस्टबिन में डाला। इसके साथ ही, नदी के किनारों पर जमा हो चुकी खतरनाक काई और सिल्ट को भी विशेष प्रयासों से हटाया गया ताकि घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा न हो और दुर्घटनाओं से बचा जा सके। इस मौके पर केशव देव वर्मा ने कहा कि हमारी मातृशक्ति इस स्वच्छता अभियान को बड़े स्तर पर आगे बढ़ा रही है, और पुरुष भी इस पुनीत कार्य में कंधे से कंधा मिलाकर भाग ले रहे हैं। मां नर्मदा हमारी जीवनदायिनी हैं, उनकी सेवा और उनके तटों की स्वच्छता बनाए रखना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है।
उन्होंने घाट पर आने वाले आम नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे नदी की पवित्रता का ध्यान रखें और फूल-माला या अन्य सामग्री सीधे नदी में न फेंककर डस्टबिन का ही उपयोग करें। वहीं सुप्रसिद्ध भजन गायिका आशा राजपूत ने मां नर्मदा की महिमा का बखान करते हुए कहा कि मां नर्मदा के दर्शन मात्र से ही भक्तों के कष्ट दूर हो जाते हैं और उनके काम पूरे होते हैं। यह चित्रगुप्त घाट केवल प्रदेश में ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया भर में प्रसिद्ध है। हर अमावस्या और पूर्णिमा पर यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने आते हैं। ऐसे में घाट को साफ रखना हमारी जिम्मेदारी है।”उन्होंने श्रद्धालुओं से पुरजोर अनुरोध किया कि वे घाट पर गंदगी न फैलाएं और किसी भी प्रकार की पूजा सामग्री को नदी के जल में विसर्जित न करें। पुण्य कार्य का हिस्सा बनकर खुद को माना सौभाग्यशाली इस सेवा कार्य और श्रमदान में शामिल होकर कायस्थ समाज के सभी सदस्यों ने आत्मिक संतुष्टि महसूस की और इसे अपना सौभाग्य बताया। इस पूरे स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में समाज के प्रमुख जन सक्रिय रहे, जिनमें मुख्य रूप से अभय वर्मा, विजय वर्मा, सुनील राय, सी.बी. खरे मनोज वर्मा, मंजू श्रीवास्तव, प्रीति खरे, ज्योति वर्मा सुमन वर्मा, रितु श्रीवास्तव, जानकी, अनीता वर्मा ममता तिवारी और प्रिया श्रीवास्तव सहित समाज के कई गणमान्य नागरिक और मातृशक्ति उपस्थित थीं।

